12 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Child Malnutrition in MP: हड्डियों का ढांचा बना ‘सरकार का लक्ष्य’, कुपोषण से हजारों मासूमों का बचपन दांव पर

कुपोषण सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि उन मासूम चेहरों की हकीकत है, जिनका बचपन भूख, बीमारी और बदहाली के बीच दम तोड़ रहा है। जबलपुर के पनागर की सात माह की वैष्णवी का वजन महज 4 किलो है, वहीं दो साल के लक्ष्य का वजन सिर्फ 3.355 किलो दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के लिए चल रही पोषण योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा फासला है। जबलपुर से लेकर पूरे मध्यप्रदेश तक कुपोषण की यह तस्वीर सवाल खड़े करती है कि सरकारी इंतजामों के बावजूद हजारों मासूम आज भी स्वस्थ बचपन से क्यों दूर हैं। पढ़िए शुभम सिंह बघेल की रिपोर्ट
4 min read
Google source verification

भारत

image

Swatantra Mishra

image

शुभम सिंह बघेल

Aug 12, 2026

Child Malnutrition

मध्य प्रदेश में बच्चों में कुपोषण के आंकड़ें बेहद खराब हैं। (Photo: Rajasthan Patrika)

Child Malnutrition: हड्डियों से चिपका मांस, अंगुलियों जैसी पतली बांहें और टांगें, धंसी हुई आंखें, भीतर तक समाया पेट और महज 3 किलो 355 ग्राम वजन। दो साल का लक्ष्य चौधरी अपनी उम्र से कई गुना छोटा नजर आता है। कांचघर निवासी नीलम चौधरी के बेटे लक्ष्य की हालत कुपोषण की उस भयावह तस्वीर को सामने लाती है, जिसे सरकारी आंकड़ों में अक्सर सिर्फ एक संख्या के रूप में दर्ज किया जाता है।

image

पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।

बड़ी खबरें

View All

Patrika Special News

ट्रेंडिंग