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Chhattisgarh Naxal rehabilitation: कभी हाथों में थी बंदूक, आज कोसा सिल्क में मुस्कुराया बस्तर, आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं ने लिखी बदलाव की कहानी

Naxal Rehabilitation in Bastar: सुकमा की 9 आत्मसमर्पित नक्सली महिलाएं अब कोसा सिल्क और हथकरघे से जुड़कर नई पहचान बना रही हैं। रायपुर में रैंप वॉक कर दिखाया बदलते बस्तर का चेहरा।
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सुकमा

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Love Sonkar

Aug 10, 2026

Chhattisgarh Naxal rehabilitation

आत्मसमर्पित नक्सली महिलाएं पारंपरिक हथकरघा परिधानों में रैंप पर उतरीं (Photo Patrika)

Naxal Rehabilitation: कभी बस्तर के जंगलों में बंदूक थामे संघर्ष की राह पर चलने वाली सुकमा जिले की 9 आत्मसमर्पित नक्सली महिलाएं शुक्रवार को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में जब कोसा सिल्क और पारंपरिक हथकरघा परिधानों में रैंप पर उतरीं तो पूरा माहौल बदलते बस्तर की कहानी कहता नजर आया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन में इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक कर पुनर्वास के बाद उनके जीवन में आए बदलाव की प्रेरक तस्वीर पेश की।

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