
dipti mukherjee एमपी के 3 आइएएस अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं। केंद्र सरकार ने दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा सचिव बनाया है। नई दिल्ली में तबादलों के संबंध में निकाले गए पुराने आदेश में संशोधन के तहत यह बदलाव किया गया। ताजा आदेश में प्रदेश के दो अन्य आइएएस को भी अहम दायित्व दिए गए हैं। आइएएस पल्लवी जैन गोविल और वी कंथाराव को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
मप्र कैडर की दीप्ति गौड़ मुखर्जी देश की नई उच्च शिक्षा सचिव होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली नियुक्ति मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीए) के निर्णय के तहत कार्मिक मंत्रालय ने यह आदेश जारी किया। 23 जुलाई के आदेश में संशोधन किया गया है। इसके तहत राजस्थान कैडर के आइएएस नरेशपाल गंगवार नहीं, बल्कि एमपी कैडर की दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया।
नीट पेपर लीक पर बवाल व आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्रालय में व्यापक बदलाव किए गए थे। इसके तहत तत्कालीन उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाकर पशुपालन सचिव नरेशपाल गंगवार को यह जिम्मा दिया था। जोशी को पंचायती राज मंत्रालय में सचिव बना दिया गया था। अब गंगवार की बजाए केंद्र सरकार ने एमपी कैडर की वरिष्ठ आइएएस दीप्ति मुखर्जी पर भरोसा जताया है। संशोधन आदेश में उन्हें उच्च शिक्षा सचिव बना दिया गया।
1993 बैच की आइएएस दीप्ति मुखर्जी के लिए नया पद चुनौतियों से भरा होगा। उन्हें जहां नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की साख को बहाल करना होगा वहीं आगामी प्रवेश परीक्षाओं को लीक-प्रूफ बनाने की भी कसरत करनी होगी।
परीक्षाओं में धांधली के बाद सिस्टम में कसावट लाना।
उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसाओं को लागू करना।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की साख को बहाल करना।
आगामी प्रवेश परीक्षाओं को लीक-प्रूफ बनाना।
नीतिगत फैसलों में पारदर्शिता बनाए रखना।
मप्र कैडर की 1994 बैच की आइएएस पल्लवी जैन गोविल को कॉर्पोरेट मामलात मंत्रालय में सचिव बनाई गई हैं। वे अभी युवा मामलों के विभाग की सचिव हैं। वहीं मप्र कैडर के ही 1992 के आइएएस वीके कंथाराव को गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग में ओएसडी नियुक्त किया गया है। वे अभी जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव का पद संभाल रहे है। वीएल कांता राव, गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) का कार्यभार वर्तमान सचिव अंशुली आर्य की सेवानिवृत्ति के बाद संभालेंगे।