रिसर्च के मुताबिक, ये ऐसे लोगों को जल्दी अपनी चपेट में ले लेता है, जो पहले से ही किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं, क्योंकि ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहती है।
भोपाल/ अनलॉक क बाद मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के मामलों में काफी तेजी आ गई है। यहां कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। जहां एक तरफ प्रदेश के 25 हज़ार लोग अब तक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, वहीं, दूसरी तरफ संक्रमण के कारण मरने वालों का आंकड़ा 800 के करीब जा पहुंचा है। जो काफी चिंता का विषय है। एक रिसर्च के मुताबिक, ये ऐसे लोगों को जल्दी अपनी चपेट में ले लेता है, जो पहले से ही किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं, क्योंकि ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रहती है। खासकर दिल के मरीज और डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों को तो ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
डायबिजीज के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत
हाल ही में हुए एक शोध सामने आया कि, जितने भी लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और वो कोरोना से संक्रमित हो गए हैं, उनमें से करीब 42 फीसदी लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। शोधकर्ताओं ने उनकी मौत का जो कारण बताया वो हैरान करने वाला है। शोध के मुताबिक, कोरोना के शुरुआती मामलों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या अधिक थी। यहीं नहीं, चाइना के अस्पताल में भर्ती ज्यादातर डायबिटीज के मरीजों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आई। लेकिन उनकी मौत कोरोना की वजह से नहीं बल्कि शुगर लेवल बढ़ने की वजह से हुई। ऐसे में शुगर के मरीजों को बेहद ही सतर्क रहने की जरूरत है।
इन बातों का ध्यान रखें डायबिटीज पीड़ित
-हमेशा शुगर लेवल की जांच करते रहें। साथ ही, कोरोना काल में घर से बाहर निकलने से, साथ ही भीड़ाभड़ वाले इलाकों में जाने से बचें।
-अगर जरा भी सेहत में कोई उतार चढाव नजर आए, जो सामान्य दवाओं से ठीक होता न महसूस हो, तो सावधानी पूर्वक समय रहते कोरोना जांच कराना बेहतर विकल्प है।एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डायबिटीज के जिन मरीजों की कोरोना के कारण मौत हुई, उन्होंने अपनी बिगड़ती सेहत की जांच शुरुआत में नहीं कराई थी।
-कोरोना का कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और उसके निर्देशानुसार सावधानी बरतें। अगर वो कोरोना टेस्ट कराने की बात कहता है तो जरूर कराएं।
-एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डायबिटीज का कोई भी मरीज अगर कोरोना संक्रमित हो तो शुरुआती स्तर पर ही सही दवाओं के सेवन और देखभाल से उसके शुगर लेवल को बढ़ने से रोका जा सकता है। इससे मौत का खतरा कम हो जाता है।
-शुगर को हमेशा नियंत्रण में रखें, ताकि अगर आप कोरोना से संक्रमित हो भी जाएं तो दवाओं के इस्तेमाल से ठीक होना आसान हो।