
बीना. उत्कृष्ट स्कूल परिसर में आयोजित हुए ब्लॉक स्तरीय गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में विधायक पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगा है। साथ ही विधायक के साथ प्राचार्य भी मौजूद होने के कारण उनपर भी कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद सोमवार को स्कूल प्राचार्य सीएम मंसूरी ने प्रेसवार्ता आयोजित कर मामले में सफाई देते हुए गलती किसकी है यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम स्कूल परिसर में होता है, जो स्कूल का कार्यक्रम नहीं था। एसडीएम द्वारा आयोजित की गई मीटिंग में स्कूल प्रबंधन को झंडा और डंडा की जिम्मेदारी दी गई थी। गेट से अतिथियों को लाने स्काउट गाइड के साथ प्राचार्य, बीआरसीसी और दोनों पीटीआइ थे। मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष उषा राय की गाड़ी भी वहीं से आ रही थी, लेकिन रोकने पर भी उनकी गाड़ी नहीं रुकी और बाजू से निकल गईं। विधायक स्काउट गाइड के साथ ही थीं। इसी बीच जनपद उपाध्यक्ष अमरप्रताप सिंह ने ध्वजारोहण करा दिया, उन्हें किसने यह अधिकार दिया था। जब वह अतिथियों को लेने गए थे, तब मप्र गीत चल रहा था, राष्ट्रगान की कोई आवाज कानों तक नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि संस्था प्रमुख के नाते उन्हें ध्वजारोहण की कार्रवाई शुरू करानी थी और पीटीआइ को ध्वज की डोर प्राचार्य के हाथ में देनी थी, फिर मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण किया जाना था। इस दौरान वहां एसडीएम, एसडीओपी आदि मौजूद थे और यदि अपमान हुआ है, तो उनके सामने ही हुआ है। सूर्य नमस्कार के दिन भी जनपद उपाध्यक्ष द्वारा अलग से लिस्ट भेजी गई थी, जिसको लेकर बहस हुई थी। प्राचार्य ने इस सबके पीछे पूर्व विधायक महेश राय को बताया है।
पूर्व विधायक पर लगाए आरोप
प्राचार्य ने पूर्व विधायक पर आरोप लगाते हुए अनपढ़ सहित अन्य अभद्र शब्दों का प्रयोग किया और कहा कि वह हमारे आने के पहले बहुत कुछ स्कूल में करके गए हैं। स्कूल में भ्रष्टाचार भी बहुत किया गया है। सीनियर होने के नाते उनको प्राचार्य बनना था, लेकिन वह विरोध में आए थे। बाद में कोर्ट के आदेश पर वह प्राचार्य बनकर आए हैं। प्राचार्य बनने पर स्कूल में फैली अव्यवस्थाओं को सही कराया जा रहा है।
भ्रष्टाचार किया है, तो जांच करा लो
प्राचार्य द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं, यदि भ्रष्टाचार किया है, तो उसकी जांच करा लो सच्चाई सामने आ जाएगी। कुछ माह पूर्व प्राचार्य पद को लेकर विवाद की सूचना मिली थी, इसलिए स्कूल गए थे।
महेश राय, पूर्व विधायक, बीना
लेंगे जानकारी
आपके माध्यम से सूचना मिली है, क्या मामला है इसकी जानकारी लेंगे।
देवेन्द्र प्रताप सिंह, एसडीएम बीना
एसडीएम के कहने पर फहराया था झंडा
ध्वजारोहण का समय पहले से ही तय था और सुबह ९ बजते ही एसडीएम के कहने पर जनपद अध्यक्ष ने ध्वजारोहण किया था। प्रोटोकाल के तहत समय पर ध्वजारोहण होता है, इसमें प्राचार्य या पीटीआइ की जरूरत नहीं होती है।
अमरप्रताप सिंह, जनपद उपाध्यक्ष, बीना
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