भोपाल

गाड़ी नहीं रनिंग करते जाती थी ऑफिस, पहले ही नेशनल में जीता स्वर्ण पदक

सीएसपी बिट्टू शर्मा ने 9 साल बाद की खेलों में वापसी
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Dec 31, 2019
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भोपाल. शहर की बिट्टू शर्मा ने पुणे में खेली गई सीनियर नेशनल कुराश चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने 87 वेट कैटेगरी के फाइनल में हरियाणा की मीना को शिकस्त दी। मप्र पुलिस में सेवारत और 1997 में एशियन जूडो चैंपियन में स्वर्ण पदक विजेता इस खिलाड़ी ने नौ साल बाद खेलों में वापसी की है। प्रतियोगिता का आयोजन 26 से 30 दिसंबर तक पुणे में किया गया। इस प्रदर्शन से उनका चयन अंतरराष्ट्रीय कुराश चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में किया गया है। बिट्टू ने साल 2008 में भी खेल विभाग में जूडो के मुख्य प्रशिक्षक रहते हुए राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप थाईलैंड में देश को कांस्य पदक जीताने में अहम भूमिका अदा की थी। वे भोपाल के कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र की सीएसपी हैं।

ट्रेनिंग नहीं फिटनेस पर किया काम

बिट्टू शर्मा ने बताया कि डीएसपी होने के नाते में मैं व्यस्त थी इसलिए ट्रेनिंग नहीं कर पाती थी सिर्फ फिटेनस ही बनाती थी। स्टैंडिंग ऑर्डर हो गए थे इसमें दिन में 12 से रात में एक बजे तक बाहर ही रहती थी। इसलिए घर से ऑफिस जाते समय ट्रैक शूट पहनकर जाती थी। गाड़ी ड्राइवर चलाता था और मैं रनिंग कर ऑफिस पहुंचती थी। या फिर अपने क्षेत्र में पैदल घूमती थी। बीच में जब भी टाइम मिलता था तो वेट ट्र्रेनिंग करने चली जाती थी। जब मैं चैंपियनशिप के लिए जा रही थी इसके चार दिन पहले ही मैंने ट्रेनिंग की थी। एनआरसी विवाद के चलते स्टेडियम में प्रैक्टिस करने जाना संभव नहीं था। इसलिए सिर्फ चार दिन ही एक-एक घंंटे कुराश की टे्रनिंग की।

कुराश और जूडो में ज्यादा नहीं है बदलाव

कुराश और जूडो खेल में क्या परिवर्तन है? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ये दोनों खेल सेम हैं। इसमें अंक भी सेम होते हैं। बस लैंग्वेज बदल जाती है। कुराश में ईरानी लैग्वेज बोली जाती है जबकि जूडो में जापानी। जूडो में ग्राउंड तकनीक देखी जात है जबकि कुराश में ग्राउंड एलाऊ नहीं हैं। ग्राउंड में जाने से फाइट खत्म हो जाती है। इनका एरिना भी सेम होता है। थोड़ से रूल बदल जाते हैं, जो मैंने वहां जाकर ही देखे हैं।

एशियन गेम्स में पदक जीतना है मकसद

कुराश का क्या भविष्य देखती हैं? इस सवाल पर कहा कि कुराश खेल एशियन गेम्स में है और जल्द ही ओलंपिक में शामिल होगा। अगर में ट्रेङ्क्षनग के लिए टाइम दिया जाता है तो मैं एशियन गेम्स में भी कुराश खेल में पदक जीत सकती हूं।

अब तक जीते हैं 11 पदक
उन्होंने अभी तक भारत के लिए 3 स्वर्ण, 3 रजत और 5 कांस्य समेत कुल 11 पदक जीते हैं। इसके साथ ही कई राष्ट्रीय स्तर पर 12 स्वर्ण पदक भी जीते हैं।

Updated on:
31 Dec 2019 11:28 am
Published on:
31 Dec 2019 11:28 am