
भोपाल। शाहपुरा इलाके में एक रिटायर्ड अधिकारी को कार का फास्टैग एक्टिवेट करवाने के लिए ऑनलाइन नंबर सर्च करना महंगा पड़ गया। उन्होंने ऑनलाइन नंबर सर्च कर उस पर कॉल किया था लेकिन फोन अटेंड नहीं हुआ। कुछ देर बाद उन्हें तीन अलग-अलग नंबरों से फोन आया और सामने वाले ने उनसे लंबी बातचीत कर ओटीपी समेत विभिन्न जानकारी हासिल कर ली। आरोपी ने उनके और पत्नी के खाते से करीब डेढ़ लाख रुपए पार कर दिए। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
एएसआई रमेश दुबे ने बताया कि ए-सेक्टर शाहपुरा निवासी ओमप्रकाश चौधरी (77) जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड अधिकारी हैं। तीन जून को उन्होंने अपनी कार का काफी समय से बंद पड़ा फास्टैग एक्टिवेट करवाने के लिए ऑनलाइन नंबर सर्च किया था। उन्होंने उस नंबर पर कॉल किया लेकिन कॉल अटेंड नहीं हुआ। उन्हें उक्त नंबर से फोन आया और सामने वाले ने खुद को फास्टैग कंपनी का अधिकारी बताते हुए कहा कि हम आपका घर बैठे ही फास्टटैग चालू कर देंगे, लेकिन इसके लिए आपको कुछ जरूरी जानकारी बतानी होगी।
जो कहेंगे बताते जाइएगा, जल्द एक्टिवेट हो जाएगा
कॉल करने वाले व्यक्ति ने अलग-अलग तीन नंबरों से कॉल कर उन्हें अपनी बातों में उलझाए रखा और ओटीपी समेत विभिन्न जानकारी उनसे पूछ ली। काफी देर बात करने के बात कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा कि थोड़ी देर में आपका फास्टैग एक्टिवेट हो जाएगा। करीब आधे घंटे बाद ओम प्रकाश के खाते से 5 बार में 1 लाख 9 हजार 500 जबकि पत्नी के खाते से दो बार में 45 हजार रुपए कट गए। इस बीच उन्होंने कस्टमर केयर के नंबर पर भी कॉल किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रविवार देर रात उन्होंने थाने पहुंचकर पुलिस को मामले से अवगत कराया। पुलिस ने उनके दोनों बैंक खातों को ब्लॉक करवा दिया।