भोपाल

‘रात की सोच’ आपको कर सकती बीमार, इन 5 तरीकों से बंद होगी ओवरथिंकिंग

MP News: डॉक्टर™ बताते हैं कि यह समय दिमाग का हिस्सा, जिसे 'डिफॉल्ट मोड नेटवर्क' कहा जाता है, ज्यादा सक्रिय हो जाता है।

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Apr 22, 2026
Overthinking प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

MP News: रात में बिस्तर पर जाते ही दिनभर की बातें अगर बार-बार दिमाग में घूमने लगें, तो यह सिर्फ सोचने की आदत नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार यह दिमाग की एक मानसिक प्रक्रिया है, जो अब बड़ी समस्या बनती जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ओपीडी में आने वाले कई मरीज इसी वजह से नींद न आने और लगातार चिंता की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। नींद की बीमारी से जूझ रहे ज्यादातर मरीजों की या तो नींद पूरी नहीं होती या उनके दिमांग में रातभर विचार घूमते रहे हैं। इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति चिड़चिड़ा होने लगता है इसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

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बढ़ रहे हैं ऐसे मरीज

डॉ. त्रिवेदी सत्यकांत त्रिवेदी के मुताबिक पहले ऐसे दो-तीन केस ही सामने आते थे, लेकिन अब ओपीडी में 30 से 40 प्रतिशत मरीज इसी समस्या के साथ पहुंच रहे हैं। लगातार सोचते रहने से नींद प्रभावित होती है और अगला दिन थकान और चिड़चिड़ापन होता है।

रात की शांति में सक्रिय हो जाता है दिमाग

मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के अनुसार दिनभर दिमाग काम, मोबाइल और बातचीत में उलझा रहता है। लेकिन रात में बाहरी गतिविधियां कम होते ही दिमाग अंदर की ओर ध्यान लगाने लगता है। इसी दौरान दिनभर की बातचीत और घटनाएं बार-बार याद आने लगती हैं। डॉक्टर बताते हैं कि यह समय दिमाग का हिस्सा, जिसे 'डिफॉल्ट मोड नेटवर्क' कहा जाता है, ज्यादा सक्रिय हो जाता है। यह हिस्सा आत्म-चिंतन और यादों से जुड़ा होता है। इसलिए छोटी-छोटी बातें भी रात में बड़ी और परेशान करने वाली लगने लगती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

डॉ. रुचि सोनी का कहना है कि लगातार ओवरथिंकिंग से चिंता, आत्मविश्वास में कमी और नकारात्मक सोच बढ़ सकती है। उनके अनुसार मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है, ताकि जरूरत पडऩे पर लोगों को तुरंत मदद मिल सके।

रात में आने वाले विचारों को ऐसे रोकें

  • रात में आने वाले विचारों को कहे कि 'मैं सोच सकता हूं, यह मेरी शक्ति है।' जब हम खुद से लड़ना छोड़ देते हैं चो विचारों की पकड़ अपने आप ढीली पड़ने लगती है।
  • रात में अपने मन को शांत करने का सबसे आसान रास्ता शरीर से होकर जाता है। इसलिए, सोने से पहले कुछ मिनट प्राणायाम या ब्रीदिंग एक्सरसाइज का अभ्यास करें।
  • आप सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें और सिर्फ इस गतिविधि पर ही ध्यान दें। इस दौरान अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों को महसूस करें, तनाव को पहचानें और धीरे-धीरे छोड़ें। ऐसा करने से मन भी अपने आप कंट्रोल में हो जाता है। इसके बाद विचारों को दबाने के स्थान पर सिर्फ उन्हें आते-जाते देखें।
  • दिन के समय लेखन, संगीत, पेंटिंग, बागवानी, पढ़ना या कोई अन्य रचनात्मक काम करें, जो आपके मन को शांत कर सके। ऐसा करने से न सिर्फ आपका ध्यान भटकता है, बल्कि एनर्जी को पॉजिटिव रखने में भी मदद मिलती है।
  • जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को ढूंढने और उन्हें खुलकर जीने के बारे में सोचें, इससे रात के समय मन में आने वाले नकारात्मक विचार आने से रोकने में मदद मिल सकती है और आपके मन को भी शांति मिलती है।

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Published on:
22 Apr 2026 11:49 am
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