
भोपाल/ राजधानी भोपाल में लगातार आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि, यहां आए दिन कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। आलम ये है कि, अब शहर में बच्चों के लिए घर के बाहर खेलना भी सुरक्षित नहीं हैं। ताजा मामला गुरुवार को शहर के पॉर्श इलाके कोहेफिजा से सामने आया, जहां करीब 4-5 कुत्तों ने घर के बाहर खेल रहे एक बच्चे पर कुत्तों ने हमला बोल दिया। हमले में बच्चा लहू लुहान हो गया। कुत्तों ने बच्चे का चेहरा बुरी तरह नोंच डाला, उसके सर में भी गंभीर चोटें आई हैं। गनीमत रही कि, जब बच्चे पर कुत्तों ने हमला किया, तब वहां आसपास लोग मौजूद थे, जिन्होंने तुरंत बच्चे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ा लिया। फिलहाल, बच्चे को इलाज के लिए नज़ीकी निजी अस्पताल में भर्ती किया है।
निगम के दावों की खुली पोल
भोपाल नगर निगम आवारा कुत्तों का लगाम लगाने में असफल है। आए दिन कुत्ते बच्चों पर हमला करते हैं, कुत्तों का आतंक खत्म नहीं हो रहा है। नगर निगम दावे तो बड़े-बड़े कर रहा है, लेकिन कुत्ते पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। आलम ये है कि, दिन हो या रात शहर के लगभग हर इलाके में कुत्तों के झुंड नजर आ जाता है। देखा जा रहा है कि, क्योंकि बच्चों पर हमला करना आसान होता है, इसलिए लोगों के अलावा खासकर छोटे बच्चों पर हमले की घटनाएं आम हो रही हैं।
सालाना सवा करोड़ खर्च फिर भी नतीजे सिफर
भोपाल में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। शहर लगभग हर इलाकों में आवारा कुत्ते रहवासियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। कुत्तों की वजह से अक्सर वाहन चालकों और राहगीरों पर हमले की घटनाएं बढ़ी। नगर निगम कुत्तों की नसबंदी पर हर साल करीब सवा करोड़ रुपए से अधिक खर्च करता है। दावा है कि पांच साल में 72 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी की गई है। बावजूद इसके शहर में कुत्तों की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। ये कुत्ते लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।