सख्ती: शहीद हेमंत करकरे और बाबरी मस्जिद पर बयान देना पड़ा भारी, 2 मई सुबह 6 बजे से 5 मई सुबह 6 बजे तक नहीं कर पाएंगी प्रचार, बयान, इंटरव्यू पर भी रोक
भोपाल. भोपाल संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के प्रचार करने पर चुनाव आयोग ने 72 घंटे (तीन दिन) का प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई बाबरी विध्वंस पर दिए गए विवादित बयान पर की है। आयोग ने शहीद हेमंत करकरे के बयान का भी हवाला देते हुए प्रज्ञा को चेताया है कि वे भविष्य में इस तरह के बयान दोबारा न दें।
प्रज्ञा पर यह प्रतिबंध 2 मई सुबह 6 बजे से 5 मई सुबह 6 बजे तक के लिए लगाया गया है। वे चुनाव प्रचार, आम सभा और राजनीतिक बैठकों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। वे राजनीतिक बयान और इंटरव्यू भी नहीं दे पाएंगी।
भाजपा को झटका, बिना प्रज्ञा के होगा रोड शो
प्रज्ञा पर प्रतिबंध से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। अभी कई इलाकों में प्रज्ञा का जनसंपर्क बाकी है। गुरुवार को उनका गोविंदपुरा क्षेत्र में रोड शो था। 3 मई को नेहरू नगर में उमा भारती और 4 मई को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की सभाएं होना हैं।
प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा- उनके समर्थन में रोड शो, प्रचार और सभाएं जारी रहेंगी। उधर, दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि आयोग का यह निर्णय अभिनंदनीय है।
मैं चुनाव आयोग के फैसले का सम्मान करूंगी। मैं फिर से चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष रखूंगी, जिससे आयोग अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।
प्रज्ञा ठाकुर, भाजपा प्रत्याशी
आयोग ने माना बयान नफरत फैलाने वाला
चुनाव आयोग ने पाया कि प्रज्ञा का बयान भड़काऊ था और उसमें धार्मिक आधार पर विभिन्न समुदायों में नफरत फैलाने की प्रवृत्ति नजर आई। ऐसे बयान का प्रतिकूल असर सिर्फ उनके निर्वाचन क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सूचना क्रांति के कारण वह व्यापक रूप से फैला।
आयोग ने माना कि प्रज्ञा ने धार्मिक आधार पर वोट हासिल करने के लिए गलत भाषण दिया। आयोग ने निर्णय में कहा कि मंदिर, मस्जिद, चर्च जैसे धार्मिक स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार में नहीं किया जाना चाहिए।