
भोपाल/ परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। स्कूलों में तीस फ ीसदी से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों की परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में दूसरी बार भी तैंतीस प्रतिशततक अंक नहीं लाने वाले शिक्षकों पर तीन तरीके से कार्यवाही करेंगे। पहली कार्यवाही 20-50 फार्मूेले के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। दूसरा शिक्षकों की विभागीय कार्यवाही होगी। तीसरी ऐसे प्रायमरी स्कूल के शिक्षक, जो कि हाईस्कूल में पढ़ा रहे थे, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
यह बात स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बुधवार को आयोजित कार्यशाला में मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि कम परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों की दक्षता का आकलन करने के लिए आयोजित परीक्षा में 6 हजार से ज्यादा शिक्षकों को शामिल किया गया था, शिक्षकों की दक्षता सुधार के लिए प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।
जिन शिक्षकों के परीक्षा परिणाम अच्छे नहीं रहे, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। इसी तरह पांचवीं.आठवीं की परीक्षा में भी तीस फीसदी से कम रिजल्ट देने वाले स्कूलों के शिक्षकों की विभाग परीक्षा लेगा। इस परीक्षा में फेल होने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। शिक्षकों के रिस्पांसिबिलिटी को लागू करने के लिए विभाग ने प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है।
जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस सत्र से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पांचवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों के परीक्षा पैटर्न पर कराने का निर्णय लिया। सत्र 2019.20 में कक्षा 5वीं एवं 8वीं की परीक्षा में अगर बच्चे फेल हो गए तो उन्हें उसी सत्र में दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा। दोबारा ली गई परीक्षा में पास होने पर उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश दे दिया जाएगा।
यदि बच्चे दूसरी बार में भी फेल हो गए तो फिर उन्हें अगले सत्र में उसी कक्षा में पढऩा होगा। बच्चों के फेल होने के साथ विभाग ने शिक्षकों की परीक्षा लेने का निर्णय ले रहा है। इसमें पांचवीं.आठवीं के जिन स्कूलों का तीस फीसदी से कम रिजल्ट होगा, उन स्कूलों के शिक्षकों की परीक्षा ली जाएगी। यह शिक्षक परीक्षा में तैैंतीस फीसदी से कम लाते है, तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।