
Twisha Sharma Death Case: (Photo Source - Patrika)
Twisha Sharma Case Updates:एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में लगातार सीबीआई जांच कर रही है। बीते दिन क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया। ट्विशा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह व पति समर्थ को लेकर घटनास्थल बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची। ट्विशा की हाइट व 80 किलो वजन के बराबर सफेद पुतले को फंदे पर लटकाया। समर्थ ने पीछे से पुतले को उठाया।
फिर सास गिरिबाला ने महज 10 सेकंड से भी कम समय में फंदा खोल दिया। साढ़े तीन घंटे में गिरिबाला, समर्थ, चचेरे भाई स्वराज व नौकरों के साथ घटनाक्रम दोहराया। वीडियोग्राफी भी कराई। बताते हैं, गिरिबाला व समर्थ के बयानों में विरोधाभास दिखा। इस गुत्थी को सुलझाने सीबीआइ मंगलवार को रिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली है कि रीक्रिएशन के दौरान जब डमी को नीचे उतारकर पलंग पर लिटाया गया, तब सीबीआई ने समर्थ से घटनाक्रम को लेकर सवाल-जवाब किए। जांच अधिकारियों के कुछ सवालों पर अचानक समर्थ नाराज हो गया। बताया जा रहा है कि जांच टीम की ओर उंगली दिखाकर आपत्ति जताते और कार्रवाई बीच में छोड़कर जाते देखा गया। समर्थ तेजी से दूसरी मंजिल से नीचे उतरने लगे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें वापस बुलाया और पूछताछ दोबारा शुरू की। गिरिबाला भी एक मौके पर सिर पकड़कर जांच टीम के सामने अपनी बात समझाती दिखाई दीं।
रीक्रिएशन में ट्विशा के शरीर पर 6 चोटों की वजह साफ नहीं हुई। रीक्रिएशन में पलंग दिखा, पर शुरुआती पुलिस थ्योरी में जिस पेटी का जिक्र था, उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं है। सबसे बड़ी बात है कि यह पेटी जब्ती सूची में भी नहीं है। वहीं सास गिरिबाला सिंह और समर्थ से डेडबॉडी को उतारते समय जब चोटों के निशान के बारे में पूछा गया तो दोनों ने ही इसका साफ-साफ कोई जवाब नहीं दिया कि टि्वशा को चोटें कैसे लगी थी।
डिजिटल और फॉरेंसिक एंगल
क्राइम सीन रीक्रिएशन
बयानों में विरोधाभास
डिलीट डेटा और गायब सिम कार्ड
आर्थिक और परिवारिक विवाद
सीबीआइ की पांच दिन की रिमांड मंगलवार को पूरी हो रही है। लेकिन अभी अहम बिंदुओं पर पूछताछ बाकी है। आरोपियों के बयानों में विरोधाभास, डिजिटल, फॉरेंसिक सहित कई तकनीकी साक्ष्यों के मिलान करना बाकी है। इसलिए सीबीआइ मंगलवार को कोर्ट में पेश कर दोनों का 3-5 दिन और रिमांड मांग सकती है।
मामले में एक नया और महत्वपूर्ण पहलू आरक्षक राघवेंद्र सिंह पटेल की ओर से बनाई गई 34 मिनट की वीडियोग्राफी है। यह वीडियो उस समय का है, जब गिरिबाला सिंह के घर का ताला खोला गया था और घटनास्थल को सील किया गया था। सीबीआई ने इस वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त किया है। बता दें कि इस वीडियो की वीडियोग्राफी खुद आरक्षक ने की है जिसे सीबीआई ने सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य के रूप में जब्त किया है।
वीडियो में घटना के बाद आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर का ताला खुलने से लेकर घटनास्थल सील होने तक का पूरा सीन रिकॉर्ड है। इस वीडियो से सीबीआई को ये समझने में मदद मिली कि ट्विशा की मौत के तुरंत बाद घर या क्राइम सीन की स्थिति को बिलकुल वैसा समझने में मदद मिली जैसा वह वास्तव या यथार्थ में था। इसमें साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं बची।
Published on:
02 Jun 2026 11:43 am
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