
भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले आए एक सर्वे ने राजनीतिक घमासान मचा दिया है। कांग्रेस के मुखपत्र माने जाने वाले नेशनल हेराल्ड के सर्वे में मध्यप्रदेश में भाजपा फिर सत्ता में आ रही है। इस सर्वे ने कांग्रेस की भी नींद उड़ा दी है। उधर, मध्यप्रदेश कांग्रेस ने तुरंत ही प्रेस कांफ्रेंस करके कहा है कि नेशनल हेराल्ड कांग्रेस का मुखपत्र नहीं है, उससे कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है।
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से अपने संगठन में जान फूंक रही कांग्रेस पार्टी को अपने ही मुखपत्र ने बड़ा झटका दिया है। नेशनल हेराल्ड के सर्वे ने बताया है कि आने वाले चुनाव में 230 सीटों में से भाजपा 147 सीटें तक ला रही है। इसके अलावा कांग्रेस बसपा के गठबंधन के साथ 103 सीटों पर सिमट रही है।
इधर, चेन्नई की कंपनी के सर्वे आने के बाद राजनीति में भूचाल आ गया है। भाजपा में जहां खुशी की लहर दौड़ गई है, वहीं कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा ने ताबड़तोड़ प्रेस कांफ्रेंस करके कहा है कि नेशनल हेराल्ड से कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है।
महागठबंधन का असर नहीं
सर्वे ने यह भी बताया है कि कांग्रेस बसपा के साथ गठबंधन के बावजूद 100 सीटों से ज्यादा नहीं ला पाएगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस का बसपा के साथ गठबंधन की अटकलें चल रही है। हालांकि मायावती ने साफ कर दिया था कि हम अकेले चुनाव लड़ने को तैयार हैं, यदि मध्यप्रदेश में सम्मानजनक सीटें मिलेंगी तो हम गठबंधन को तैयार हैं।
सपा के साथ भी हो सकता है गठबंधन
पिछले दिनों भोपाल दौरे पर आए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मध्यप्रदेश में गठबंधन के पक्ष में हैं। हालांकि उन्होंने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन कमलनाथ से हुई मुलाकात को उन्होंने अच्छा बताया है, लेकिन क्या बातचीत हुई थी, यह बताने से इनकार कर दिया था। हालांकि सूत्रों के मुताबिक दोनों दिग्गजों में सीटों के बंटवारे को लेकर विचार-विमर्श किया गया था। हालांकि अखिलेश यादव दो माह पहले प्रेस कांफ्रेंस करके लोकसभा चुनाव के लिए जरूर मध्यप्रदेश में गठबंधन करने को राजी हो चुके हैं। उन्होंने खुद कांग्रेस के साथ गठबंधन की बातें कही थीं।
भाजपा के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा महागठबंधन
कांग्रेस का बसपा-सपा और अन्य दलों के साथ गठबंधन भाजपा के लिए बड़ी मुश्किल खड़ा कर देगा। इससे कांग्रेस के खाते में सीटें जरूर बढ़ेंगी, वहीं भाजपा की सीटें जरूर कम होंगी। लेकिन, स्पीक मीडिया नेटवर्क ने आसानी से भाजपा की जीत का दावा किया है।
एक नजर
-तमिलनाडू स्थित न्यूज मीडिया आउटलेट स्पिक मीडिया नेटवर्क ने हाल ही में अपनी सर्वे रिपोर्ट पेश की है।
-यह सर्वे 16 जून से 20 जुलाई के बीच किया गया।
-कुल दो लाख 30 हजार लोगों से सरकार के बारे में प्रश्न पूछे गए थे।
-प्रत्येक विधानसभा से एक हजार लोगों से उनकी राय ली गई थी।
-इस सर्वे में 239 प्रशिक्षित जांचकर्ताओं और 270 अनुवादकों की टीम के अलावा अन्य लोग भी इस बड़े काम में जुटे थे।
-बीजेपी 147/130 सीटों के बहुमत में रहेगी।
-इसके अलावा यदि बीजेपी के सामने कांग्रेस-बीएसी गठबंधन हुआ तो यह सीटें 126/130 तक पहुंच सकती है। यानी दस सीटें कम भी हो सकती है।
-इसमें कांग्रेस-बसपा गठबंधन 103 सीटों के साथ भाजपा की मुश्किल बढ़ा सकती हैं।
एमपी में लोकप्रिय है मोदी
सर्वे में यह भी बताया गया है कि फिलहाल मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव अब भी जारी है।
-यदि भाजपा मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में ही जोरदार प्रचार अभियान करती है तो उसे लोकसभा में ज्यादा मेहनत नहीं करना पड़ेगी।
-लेकिन, भाजपा यदि विपक्ष में आ गई तो लोकसभा में उसे भाजपा को वापस लाना मुश्किल हो जाएगा।