
नए साल में बिजली की दरें झटका दे सकती हैं। बिजली कंपनी ने 3.86% दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इस पर मप्र विद्युत निमायक आयोग ने 22 जनवरी तक सुझाव-आपत्तियां मांगी हैं। 29 से 31 जनवरी तक सुनवाई होगी। इसके बाद दरें लागू होंगी। प्रस्तावित दरें लागू हुई तो भोपाल शहर के ही 5.50 लाख उपभोक्ताओं की जेब से हर माह 7 करोड़ से ज्यादा राशि निकलने का रास्ता बन जाएगा।
बिजली कंपनी की याचिका के अनुसार 2024-25 के टैरिफ में 151 से 300 यूनिट की स्लैब खत्म कर 151 यूनिट की स्लैब को उच्चतम किया जाएगा। अभी 151 से 300 यूनिट तक खपत पर 5.23 रुपए प्रति यूनिट वसूली होती है। 300 यूनिट के बाद प्रति यूनिट 6.61 रुपए लगते हैं। अब 151 यूनिट ही उच्चतम स्लैब होगा। इससे उपभोक्ताओं की जेब खाली होगी।
दिन में जब ज्यादा खपत, तब दरें अधिक होंगी
नए टैरिफ में टाइम ऑफ द डे पद्धति से बिल का प्रावधान है। यानी, दिन के पीक ऑवर्स, जिसमें सबसे ज्यादा बिजली खपत होती है, उस समय दर ज्यादा होगी। कम खपत वाले समय में दर कम रहेगी। ये प्रावधान टैरिफ में उपभोक्ताओं को उलझाकर ज्यादा शुल्क वसूली का है। वहीं, नए टैरिफ में कृषि की तय एलवी 5.1, 5.2 व 5.4 श्रेणी को मिलाकर एक श्रेणी बनाई है। ये कृषि, नर्सरी, कृषि से जुड़े उद्यम वाली श्रेणी थी। अब सभी का बिल एक ही श्रेणी में बनेगा। एक श्रेणी कर जो उच्चतम राशि थी, उसे लागू किया जाएगा।
भोपाल में स्थिति
● 5.50 लाख उपभोक्ता
● 75 लाख यूनिट रोज खपत
● 06 करोड़ रु. रोजाना बिजली बिल
● 180 करोड़ रुपए शहरवासी देते हैं हर माह बिल
● 187 करोड़ रुपए का बिल होगा नए टैरिफ से