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PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, सतना में एक व्यक्ति को दे दिए ‘2-2 मकान’

Pradhan Mantri Awas Yojana: सतना जिले में 11 मामले सामने आए है, जहां लाभार्थियों ने शहर और गांव दोनों जगह मकान बनवा लिए।

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PM Awas Yojana

PM Awas Yojana (Photo Source - Patrika)

Pradhan Mantri Awas Yojana: गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना मध्यप्रदेश में फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ गई है। प्रदेश के 708 हितग्राही ऐसे हैं जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी दोनों का लाभ मिल गया। यानी एक ही व्यक्ति को दो-दो आवास स्वीकृत कर दिए गए। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के लगभग 42 जिलों में 708 दोहरे लाभार्थी है।

सबसे अधिक मामले इंदौर 89, सागर 68, धार 64, जबलपुर 47 और विदिशा 42 जिलों में सामने आए हैं। सतना जिले में 11 मामले सामने आए है, जहां लाभार्थियों ने शहर और गांव दोनों जगह मकान बनवा लिए। यह स्थिति तब है जब जिले में हर सप्ताह जनसुनवाई में ऐसे लोग पहुंच रहे हैं जो पात्र होने के बाद भी योजना के लाभ से वंचित हैं।

नागौद के अमिलिया में दोहरी स्वीकृति

नागौद की ग्राम पंचायत अमिलिया के अमृतलाल साहू को पीएम आवास शहरी के तहत 27 दिसंबर 2017 को आवास स्वीकृत हुआ था। इसके बाद ग्रामीण में भी शामिल कर 4 जनवरी 2022 को आइडी एमपी-5101155 के तहत आवास स्वीकृत कर दिया गया। रिकॉर्ड में दोनों मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

सतना में 11 मामलों में दोहरा लाभ

ग्रामीण और शहरी के लाभार्थी डेटा के मिलान में सतना के 11 ऐसे हितग्राही मिले जिन्हें दोनों योजना से लाभ मिला। इनमें 8 लाभार्थियों के आवास पूर्ण हो चुके हैं और वे दोनों योजनाओं की पूरी राशि प्राप्त कर चुके हैं। एक का ग्रामीण आवास पूरा हो चुका है जबकि शहरी आवास निर्माणाधीन है। वहीं दो हितग्राहियों के शहरी आवास पूर्ण हैं और ग्रामीण बन रहे हैं।

रामपुर बाघेलान में भी वही खेल

रामपुर बाघेलान जनपद की ग्राम पंचायत सगौनी निवासी शेषमणि पांडेय को पीएम आवास शहरी के तहत 20 फरवरी 2017 को आवास स्वीकृत किया गया। इसके बाद इन्हें पीएम आवास ग्रामीण में भी शामिल कर 3 जनवरी 2022 को प्रशासन ने आइडी एमपी-4954065 के तहत दूसरा आवास स्वीकृत कर दिया गया।

सिस्टम की खामी या मिलीभगत ?

बड़ा सवाल यह है कि जब दोनों योजनाओं में आधार नंबर, बैंक खाते, मोबाइल नंबर और पात्रता सत्यापन की बहुस्तरीय व्यवस्था है, तब एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग योजनाओं में पात्र कैसे घोषित हो गया? यदि आधार आधारित सत्यापन प्रभावी था तो दोहरी स्वीकृति संभव ही नहीं होनी चाहिए थी। विभागीय जानकारों का कहना है इसमें या तो लाभार्थी ने जानबूझकर जानकारी छिपाई या फिर स्थानीय स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई।

राशि वसूल की जाएगी

यह काफी गंभीर मामला है। पीएम आवास शाखा से जानकारी ली जाकर सत्यापन कराया जाएगा। अगर दोहरा लाभ लिया गया है तो वसूली सहित विधिक कार्यवाही भी की जाएगी। - शैलेन्द्र सिंह, जिपं सीईओ सतना