
भोपाल। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े धार्मिक समागम का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस धार्मिक समागम में देश-विदेश के लाखों जायरीन राजधानी भोपाल पहुंचे थे। नगर निगम ने इस बार के इज्तिमा में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा और पूरे इज्तिमा स्थल पॉलीथिन मुक्त रखा। कार्यक्रम के समापन होते ही निगम की टीमों ने पूरे इलाके को क्लीन और ग्रीन कर दिया। यह निगम अधिकारियों की मॉनीटरिंग का ही नतीजा था, जो इतने बड़े आयोजन को सफल बनाया।
सोमवार को 72वे आलमी तब्लीगी इज्तिमा का सफलतापूर्वक समापन हो गया। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े धार्मिक समागम में देश-दुनिया से लगभग 10 लाख जायरीन इसमें शामिल हुए। करीब 70 एकड़ में बना पंडाल, 250 एकड़ में पार्किंग, 50 पार्किंग जोन, 45 फूड जोन की निगरानी नगर निगम की टीमों ने 24 घंटे की।
चार दिवसीय इस कार्यक्रम में कभी कचरा नजर नहीं आया। इसकी बजह हर 10 मीटर के दायरे में लगा एक डस्टबिन, 800 सफाई कर्मचारियों की शिफ्टवाईज ड्यूटी, निगरानी के लिए अधिकारी तैनात रहे। इसके अलावा गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग कर स्थल पर ही बायोगैस और खाद बनाई गई।
पहली बार जीरो वेस्ट इज्तिमा
इज्तिमा इस साल कचरा मुक्त आयोजन के रूप में पहचाना जाएगा। नगर निगम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 का पालन करते हुए आयोजन स्थल पर कचरा प्रबंधन की सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई थीं। पहली बार इस्तिमा जीरो वेस्ट किया गया, पिछले 5 वर्षों से नगर निगम का प्रयास था कि इस आयोजन को जीरो वेस्ट किया जाए। पानी को विशेष प्रकार के कल्चर से साफ किया गया, जिससे किसी भी प्रकार की गंध-बदबू पूरे स्थल में नहीं आए। इसकी प्रशंसा देश-विदेश से आए हुए जायरीनों ने की।
ऐसे हुई मॉनीटरिंग
पूरे इज्तिमा की व्यवस्थाओं के लिए नगर निगम आयुक्त ने अलग-अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी। अपर आयुक्त से लेकर उपायुक्त, स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला, विद्युत, गार्डन सेक्शन, यांत्रिक विभाग, जलकार्य आदि विभाग के प्रमुख दिनरात व्यवस्थाओं में लगे रहे। जबकि पूरी कवायद की आयुक्त श्री दत्ता मॉनीटरिंग करते रहे। दिन में दो से तीन औचक निरीक्षण, कैमरों से निगरानी और अधिकारियों से गुप्त फीडबैक लेकर इस आयोजन को सफल बनाया।
अलग तीन दिन होगी विशेष सफाई
इज्तिमा समाप्त होने के बाद भी निगम का स्वास्थ्य अमला अगले तीन दिन पूरे स्थल की विशेष सफाई करेगा। निगम आयुक्त विजय दत्ता ने जोनवार स्वास्थ्य अमले को जिम्मेदारी दे दी है। वहीं पूरी निगरानी के लिए अपर आयुक्त राजेश राठौड़ सहित प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा वेस्ट कलेक्शन के लिए वाहनों को भी तैनात किया गया है।
फैक्ट फाईल
- 180 कैमरों से हुई पूरे इज्तिमा की निगरानी।
- 6400 डस्टबिन बिन हर 10 मीटर की दूरी पर लगाए गए।
- 9 प्रकार के वेस्ट के लिए अलग-अलग व्यवस्था।
- गीले-सूखे कचरे से बनाई गई खाद और बायोगैस
4 दिन में निकला इतना निकला कचरा
गीला कचरा 12 टन
सूखा कचरा 17 टन
कचरा इज्तिमा से निकला। जिसे स्वाहा की टीम ने स्थल पर ही कम्पोस्ट किया। इसके साथ ही 180 किलो बायोमेडिकल कचरा निकला। वही स्वच्छता की दृष्टि से इस बार नॉनवेज प्रतिबंध होने की वजह से 40 प्रतिशत कम गीला कचरा निकला।