भोपाल

बंगाल से लाकर एमपी में बेचे जा रहे थे नकली नोट, बड़े नेटवर्क का भांडाफोड़, NIA और IB जांच में जुटी

Fake Currency : राजधानी में 1.40 लाख रुपए के नकली नोटों के साथ पश्चिम बंगाल निवासी एमबीबीएस डॉक्टर पकड़ाया है, पूछताछ में आरोपी ने कई खुलासे किए है। अब भोपाल पुलिस रिमांड पर मालदा लेकर पहुंची है।

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बंगाल से लाकर एमपी में बेचे जा रहे थे नकली नोट (Photo Source- Patrika)

Fake Currency : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली नोटों के साथ पकड़े गए आरोपी की जांच के मामले में अब जांच एजेंसियों ने सक्रियता बढ़ा दी है। 1.40 लाख रुपए के जाली नोटों के साथ पकड़ाए पश्चिम बंगाल निवासी एमबीबीएस डॉक्टर सैफुल इस्लाम को राजधानी पुलिस रिमांड पर मालदा लेकर पहुंची है। इससे पहले हुई पूछताछ में आरोपी से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि, आरोपी पिछले करीब दो साल से पश्चिम बंगाल से लाकर नकली नोट खपाने का काम कर रहा था। नोट देने वाले आरोपी से उसका दो साल से भी ज्यादा की पहचान है। दोनों के बीच हुई मोबाइल चैट भी पुलिस को मिल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। कोहेफिजा पुलिस ने दोनों एजेंसियों से संपर्क किया था, जिसके चलते आधा दर्जन अधिकारियों ने कोहेफिजा थाने पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई।

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कैश डिपॉजिट मशीन में नकली नोट जमा करने की कोशिश

पुलिस पूछताछ में आरोपी डॉक्टर कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। आरोपी के अनुसार, मालदा में सक्रिय कुछ लोगों के संपर्क में आकर वो नकली नोटों के कारोबार से जुड़ा था। हालांकि, उसने अभी तक यही बताया कि, 28 मार्च को पहली बार वो दो लाख रुपए के नकली नोट लेकर भोपाल आया था। आरोपी ने नकली नोटों को कैश डिपॉजिट मशीन में जमा करने की कोशिश की थी, लेकिन मशीन ने वो नोट एक्सेप्ट नहीं किए, जिसके बाद से वो दुकानों और मॉल में खरीदारी करने लगा, साथ ही सस्ते दाम पर जाली नोट खरीदने वालों को तलाशने लगा। लेकिन, पुलिस का कहना है कि, उसकी चैट में कई अहम जानकारियां हैं।

सीमापार से नेटवर्क की आशंका

पुलिस द्वारा जब्त किए गए 1.40 लाख के नकली नोट (Photo Source- Input)

भोपाल पुलिस अब मालदा में उन ठिकानों की पहचान कर रही है, जहां नकली नोट तैयार और सप्लाई किए जाते थे। एजेंसियां ये भी पता लगा रही हैं कि, आरोपियों को जाली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कागज और अन्य सामग्री कहां से मिल रही थी। शुरुआती जांच के आधार पर सीमापार के नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है।

500 के 280 नकली नोटों के साथ पकड़ाया था आरोपी

आपको बता दें कि, कोहेफिजा पुलिस ने सैफुल इस्लाम को 500-500 रुपए के 280 नकली नोटों के साथ पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया था कि, वो 500 के एक नकली नोट को 200 से 300 रुपए में बेचा करता था और बाजार में खरीदारी के दौरान भी उनका इस्तेमाल भी किया करता था। पता चला है कि, पुलिस को आरोपी डॉक्टर के पास से विदेशी सिम कार्ड, कई बैंक खातों के दस्तावेज और साइबर ठगी से जुड़े सुराग भी मिले हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा

कोहेफिजा पुलिस की गिरफ्त में आरोपी डॉक्टर (Photo Source- Input)

मामले को लेकर कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि, बुधवार दोपहर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, शहर के सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास एक युवक कम कीमत में नकली नोट बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश रहा है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान 27 वर्षीय सैफुल इस्लाम, निवासी पश्चिम बंगाल के रूप में की है। पकड़े जाने के बाद ही आरोपी ने कबूल कर लिा था कि, वह नकली नोटों को पश्चिम बंगाल से अपने एक दोस्त से लेकर आया था। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने आगे की जांच शुरु की।

साइबर ठगी और बैंक खातों का भी नेटवर्क

नकली नोटों के साथ साथ आरोपी साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने के काम में भी लिप्त होने की जानकरी सामने आई है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश भी कर रही है कि, भोपाल में उसके और कौन-कौन से साथी सक्रिय हैं। साथ ही, वो यहां किन-किन व्यापारियों और लोगों को ये नोट दे चुका है। तफ्तीश के बाद पुलिस को एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा होने का संदेह है।

Updated on:
09 May 2026 07:56 am
Published on:
09 May 2026 07:55 am
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