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घर में आराम फरमाती रहीं महिला सदस्य, सरकारी बैठक में शामिल हुए पतियों ने लिए अहम फैसले

Bhopal District Panchayat - ये कैसा नारी वंदन: जिला पंचायत महिला बाल विकास की बैठक में अफसरों ने दी पतियों को एंट्री

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Members' Husbands Attend Bhopal District Panchayat Meeting

Members' Husbands Attend Bhopal District Panchayat Meeting

Bhopal District Panchayat - देश भर में नारी वंदन को लेकर नारा बुलंद हो रहा है लेकिन हकीकत यह है कि नारी सशक्तिकरण आरक्षित सीटों पर केवल चुनाव लडऩे तक ही है। इसके बाद सब कुछ पति ही संभालते हैं। प्रदेश की राजधानी भोपाल में ही इसकी बानगी दिखी। शुक्रवार को जिला पंचायत की एक अहम बैठक थी पर महिला सदस्याएं इसमें शामिल नहीं हुईं। वे घर में कामकाज करती रहीं जबकि उनके पतियों ने न केवल गैरकानूनी तरीके से बैठक ली बल्कि यहां अहम फैसले भी लिए। महिला सदस्य के पतियों को एंट्री देने पर अफसरों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

भोपाल में जिला पंचायत महिला बाल विकास स्थायी समिति की बैठक में महिला सदस्यों के पतियों ने भाग लिया। महिला सदस्य की बजाय सारे निर्णय उनके पतियों ने लिए। इतना ही नहीं, सदस्यों के पति पूरे समय बैठक में मौजूद रहे। सदस्य पत्नियां घर से ही नहीं निकलीं।

जिला पंचायत की यह बैठक मजाक का पात्र बन गई है। क्षेत्र में ऐसा ही चल रहा है, महिलाओं को सदस्य का तमगा भर ही मिला है। बाकी सारे निर्णय पति ही लेते हैं। आलम यह था कि सदस्य प्रतिनिधि पतियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई तो पिछली तीन बैठकें चल ही नहीं पाईं। अब दबाव में आकर महिला बाल विकास विभाग समेत स्वास्थ्य विभाग के जिलाधिकारी ने उन्हें वापस एंट्री दे दी। लिहाजा शुक्रवार जिला पंचायत सभा कक्ष में हुई बैठक में सरकार के नारी वंदन संकल्प का मजाक उड़ता दिखा।

पद सभापति, बगल में बैठे पति:

बैठक सभापति चंद्रेश राजपूत की अध्यक्षता में हुई। इनके पास ही कुर्सी लगाकर इनके पति सुरेश राजपूत भी बैठे रहे। समिति सचिव सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा ने एजेंडा रखकर चर्चा शुरू की। दो महिला सदस्य देवकुंवर हाड़ा और विजिया राजौरिया आईं ही नहीं, इनकी जगह इनके पति अनिल हाड़ा और विनोद राजौरिया बैठक में मौजूद रहे।

जिम्मेदार बोले-मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं

महिला बाल विकास विभाग के जिलाधिकारी सुनील सोलंकी का कहना है कि प्रवेश देना या नहीं मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। यही बात सीएमएसओ मनोज शर्मा ने भी कही। ऐसे में जिला पंचायत की बैठकों की गंभीरता समझी जा सकती है।

सदस्य पतियों की उपस्थिति में ये निर्णय हुए

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