
भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों के हित में अहम फैसला लिया गया है। इंदौर के पीथमपुर निवेश क्षेत्र में किसानों से ली जानेवाली जमीन के संबंध में राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। इसके अनुसार किसानोें को बाजार मूल्य की 20 प्रतिशत राशि नकद दी जाएगी। मंगलवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मोटरयान अधिनियम के तहत कई प्रस्ताव थे लेकिन अभी इसे स्थगित कर दिया गया है।
कैबिनेट बैठक में इंदौर के पीथमपुर निवेश क्षेत्र में किसानों से जमीन लेने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा हुई. पीथमपुर निवेश क्षेत्र में किसानों की 500 हेक्टेयर भूमि ली जानी है. राज्य सरकार के अनुसार किसानों की ये जमीनें लैंड पूलिंग स्कीम के तहत ली जाएंगी। कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि इसके लिए किसानों को जमीन के बाजार मूल्य के बराबर राशि का भुगतान किया जाएगा। पीथमपुर निवेश क्षेत्र में जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें जमीन के बाजार मूल्य की 20 प्रतिशत राशि नकद दे दी जाएगी। किसानों को शेष 80 प्रतिशत नकद नहीं दी जाएगी बल्कि इस राशि के बराबर विकसित भूखंड दिए जाएंगे।
कैबिनेट की बैठक में भोपाल के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र की जमीन के संबंध में भी निर्णय लिया गया. इसके अनुसार अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बहु उत्पाद कंपनियों को भूखंड दिए जाएंगे। कंपनियों को भूखंड दिए जाने में भी महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी।
बैठक में कोरोना महामारी के दौरान बसों का परिचालन बंद रहने पर मासिक किराया शुल्क में छूट देने का निर्णय भी लिया गया है। इससे राज्य सरकार पर 130 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। बैठक में मोटरयान अधिनियम के तहत आए प्रस्तावों को लेकर मंत्रीस्तरीय समिति बनाई गई. इसमें परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के साथ लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव और सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया को भी शामिल किया गया है। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह समिति अपनी अनुशंसा कैबिनेट को भेजेगी।