
Swati Bagrecha : नेपाल की प्राकृतिक आपदा की चपेट में आई विदिशा की स्वाती बागरेचा के मलबे में दबे होने की आशंका है। सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन की ओर से यह बड़ा अपडेट जारी किया गया है। फाउंडेशन के 77 सदस्य मानसरोवर की यात्रा पर गए थे जिसमें स्वाती भी शामिल थी। ईशा फाउंडेशन ने शनिवार रात को स्पष्ट कहा कि चीन सीमा पर स्थित ग्यिरोंग पोर्ट इमिग्रेशन सेंटर के पास अब तक किसी के जीवित बचने के संकेत नहीं मिले हैं। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से ही ईशा फाउंडेशन के सभी 77 तीर्थयात्री लापता हैं। इस बीच स्वाती बागरेचा के संबंध में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी जानकारी जुटा रहे हैं। 4 दिन बाद भी स्वाती का मोबाइल चालू बताया जा रहा है।
ईशा फाउंडेशन ने कहा है कि ग्यिरोंग घाटी पूरी तरह तबाह हो चुकी है। पोर्ट के आसपास करीब 50 फीट तक गाद और मिट्टी का मलबा भरा है। बाढ़ के वक्त करीब 150 फीट तक ऊंची लहरें उठीं थीं जिससे इमिग्रेशन ऑफिस ही नहीं बल्कि पूरा परिसर तबाह हो चुका है। ऐसी हालत में वहां उपस्थित किसी भी शख्स की बचने की संभावना बहुत कम है।
इससे पहले विदिशा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार देर रात 9:30 बजे पूर्व सिविल सर्जन डॉक्टर केसी बागरेचा के निवास पर पहुंचे। उनके साथ पत्नी साधना सिंह चौहान, विधायक मुकेश टंडन, निगम उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी मौजूद थे। उन्होंने डॉक्टर केसी बागरेचा की बेटी स्वाती के नेपाल त्रासदी में फंसे होने और उसकी कोई खबर न मिलने के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय में भी फोन लगाकर इस बात से अवगत कराया।
स्वाती बागरेचा के परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनका मोबाइल अभी भी चालू है, उसकी रिंग जा रही है, लेकिन उसे कोई उठा नहीं रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने मोबाइल नंबर भेज कर उसकी लोकेशन खोजने के संबंध में बात कही। परिवार को भी हिम्मत बनाए रखना के लिए कहा। शिवराज ने कहा कि वे भी लगातार प्रयास करेंगे। उम्मीद है कि जल्द ही स्वाती वापस आ जाए। बता दें कि स्वाती बागरेचा विवाह के बाद कनाडा में रहती हैं।