- 23000 से ज्यादा मकान नष्ट हुए----------------------
Jitendra Chourasiya, भोपाल। ग्वालियर-चंबल में बाढ़ के कहर से 21311 हैक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र की फसल बर्बाद हो गई है। राज्य सरकार ने केंद्र से राहत राशि मांगने के लिए नुकसान का प्रारंभिक आकलन शुरू कर दिया है। इसके तहत फिलहाल प्रायमरी-डाटा तैयार किया गया है, जो जल्द केंद्र को भेजा जा सकता है। इसके तहत प्रारंभिक आकलन व अनुमान के हिसाब से 23 हजार से ज्यादा मकान पूरी तरह नष्ट हुए हैं। वहीं 1700 से ज्यादा पशुओं की मौत हुई है। गांव और शहरों की सैकड़ों किमी सडक़ें पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसका आकलन अभी किया जा रहा है। इसके अलावा बिजली के सब-स्टेशन पूरे-पूरे तबाह हो गए। अभी 5647 ट्रांसफार्मर नष्ट होने का आकलन है, जो और बढ़ सकता है। अभी तक कुल 27836 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। वहीं बाढ़ के बीच से 6918 लोगों को रेस्क्यू किया है। अब भी अनेक लोग बाढ़ में फंसे हैं।
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यूं नुकसान- (प्रारंभिक अनुमान)
- 1700 से ज्यादा पशुओं की मौत
- 21311 हैक्टेयर में फसल नुकसान
- 23000 से ज्यादा मकान नष्ट हुए
- 315 जल संरचनाएं नष्ट हो गईं
- 25 पुल-पुलिया पीडब्ल्यूडी के तबाह
- 5647 बिजली ट्रांसफार्मर बर्बाद हो गए
- 587 आंगनवाड़ी पहुंच मार्ग नष्ट हुए
- 2470 हैंडपंप शहरी क्षेत्रों के नष्ट हुए
- 166 किमी शहरी सडक़ें पूरी तरह नष्ट
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अगले हफ्ते मैदान में पहुंचेगी स्पेशल टीमें-
राजस्व विभाग अगले हफ्ते मैदानी सर्वे शुरू करेगा। राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक अभी नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीमें इसमें जुटी हैं। वहीं जहां पानी उतर रहा है, वहां के लिए टीमें गठित करके मैदानी सर्वे के लिए भेजी जाएंगी। सात अगस्त के बाद बैठक में सर्वे का पूरा रोडमैप बनेगा। राज्य स्तर पर स्पेशल टीम गठित की जाएंगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित इलाकों में प्री-सर्वे करके प्री-रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इसके तहत पहले प्री-रिपोर्ट बनेगी। बाद में सर्वे की फायनल रिपोर्ट तैयार होगी।
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