दतिया में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिये जिला प्रशासन सड़कों पर निकल आया
भोपाल. एक ओर तो बाढ़ प्रभावितों के राहत और बचाव कार्य में अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है वहीं दूसरी ओर कुछ अफसर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हर संभव प्रयास करने में जुटे हुए हैं. दतिया में तो बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिये जिला प्रशासन सड़कों पर निकल आया. रविवार को दोपहर में कलेक्टर संजय कुमार व जिला पंचायत सीईओ यतेंद्र सिंह गुर्जर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर की सड़कों पर पैदल निकले।
इस दौरान लाउड स्पीकर से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जनता का सहयोग मांगा गया। इसके लिए शहर में लोडिंग वाहन भी चलाए जा रहे हैं. जगह—जगह शिविर लगाकर बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री जुटाई जा रही है। यह कार्य तीन दिनों तक चलेगा. इसके बाद जनसहयोग द्वारा जुटाई गई राहत सामग्री को बाढ़ पीड़ितों में बांट दिया जाएगा।
इधर मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी है। राजधानी भोपाल सहित अनेक जिलों में तेज या मध्यम बरसात हो रही है। इधर ग्वालियर-चंबल अंचल में नदियां कुछ शांत हुई हैं पर चारों ओर बाढ़ से हुई बर्बादी का मंजर नजर आ रहा है। गांवों में मकान मलबों के ढेर में बदल चुके हैं, ग्रामीण दाने—दाने के लिए मोहताज हैं।
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12.15
श्योपुर जिला कलेक्टर और एसपी के बाद श्योपुर नगरपालिका की सीएमओ मिनी अग्रवाल भी हटाई गई. बाढ़ से बचाव व राहत कार्यों में लापरवाही पर यह निर्णय लिया गया है. अभी नगरीय प्रशासन आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव उनका दायित्व संभालेंगे.
लाइव अपडेट
12.00
मदद नहीं मिलने से बाढ़ प्रभावित नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. प्रदेश के मंत्रियों के बाद शनिवार को केेंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर का विरोध किया गया. इसका खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ रहा है. पहले श्योपुर कलेक्टर को हटाया गया. इसके बाद एसपी संपत उपाध्याय को भी हटा दिया गया. उनके स्थान पर आईपीएस अनुराग सुजानिया को श्योपुर एसपी नियुक्त किया गया है.
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11.15 AM
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर चंबल संभाग में भीषण बाढ़ त्रासदी का हवाई सर्वेक्षण करने ग्वालियर से रवाना हुए. उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा मीटिंग भी की. केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अशोकनगर जिले के बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा लिया|
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10.45 AM
प्रदेश में बाढ़ और बारिश से उत्पन्न हालातों पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान आज जनता के नाम संबोधन देंगे. वे रात 7 बजे जनता को संबोधित करेंगे।
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10.30 AM
इस बीच प्रदेश सरकार ने श्योपुर कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव को हटा दिया है। जिले में राहत कार्यों में लापरवाही की वजह से श्रीवास्तव को रवाना किया गया. अब शिवम वर्मा जिले के नए कलेक्टर होंगे।
सरकार के लाख दावों के बाद भी कई जगहों पर प्रशासनिक मदद नहीं मिली है। ऐसे में बाढ़ प्रभावितों का गुस्सा बढ़ रहा है। प्रदेश के कई मंत्रियों, कलेक्टर—एसपी आदि को जनता का रोष झेलना पड़ा है। शनिवार को तो केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भी बाढ़ प्रभावितों के जबर्दस्त विरोध का सामना करना पड़ा। इधर अंचल के एक अन्य केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार रात ग्वालियर आए. उन्होंने आधी रात को कन्ट्रोल कंमाड सेंटर पर अफसरों की बैठक ली। रविवार को वे हवाई सर्वे कर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे।
बाढ़ के कारण अंचल में बहुत बुरे हालात हैं। चंबल संभाग में अधिकांश पुल ढह गए हैं। सिंध पर बने पुल टूटने से अनेक शहरों का ग्वालियर से संपर्क टूट गया है। सनकुआं घाट पर बना पुल टूटने से सेंवढ़ा से ग्वालियर की दूरी 70 किमी बढ़ गई. महज 80 किमी की ये दूरी अब बढ़कर 150 KM हो गई है। अब लोग दतिया से घूमकर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं।
इधर गुना जिले में शनिवार को दिनभर रेस्क्यू चलता रहा। जिले के सोढ़ा गांव में सबसे मुश्किल भरे हालात थे। यह गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया था। टापू बन गए गांव के करीब 350 लोग फंस चुके थे जिन्हें बमुश्किल निकाला जा सका। यहां करीब 20 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया. दो राज्यों मध्यप्रदेश और राजस्थान की NDRF और SDRF की टीमों ने 3 महीने की बच्ची से 95 साल की बुजुर्ग तक को बचाया।