ठगी का ये तरीका कर देगा हैरान, इस तरह प्यार में फंसाकर की जाती थी ऑनलाइन ठगी, साइबर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई। जानिये मामला...।
भोपाल/ साइबर पुलिस द्वारा लगातार दिये जा रहे एहतियादी दिशा-निर्देशों के बावजूद मध्य प्रदेश में सािबर ठगी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन यहां लोग नए नए तरीकों से साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। ताजा मामला विदेशी हुस्न के जाल में फंसकर ठगी का शिकार होने का सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लोग विदेशी हुस्न के जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गवां रहे हैं। राजधानी भोपाल में भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इस तरह देते हैं ठगी की वारदात को अंजाम
साइबर पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले विदेशी महिला के नाम से युवाओं से फेसबुक पर दोस्ती करते हैं, कुछ दिन रोमांटिक बातें करने के बाद उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसा लेते हैं। जैसे ही सामने वाला युवक प्रेम जाल में फंसता है, गिरोह के सदस्य बड़े ही शातिराना ढंग से महंगा गिफ्ट भेजने का लालच देते हैं और साथ ही ये भी कहते हैं कि, गिफ्ट उनके शहर के एयरपोर्ट के कस्टम विभाग तक आ गया है, उसे वहां से छुड़ाने के नाम पर व्यक्ति से लाखों रुपये तक की ठगी कर लेते हैं।
पुलिस ने दिल्ली से 3 आरोपियों को दबोचा
राजधानी भोपाल में भी साइबर पुलिस द्वारा ऐसे ही एक मामले की जांच की गई, तो ठगी के तार विदेशों तक से जुड़े सामने आए। पुलिस टीम ने तकनीकि एनालिसिस के आधार पर जनवरी से इस मामले से जुड़े एक विदेशी नागरिक नाईजीरियन समेत 3 आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मौके से गिरोह का सरगना नाईजीरियन मुईट उर्फ अजीज फरार हो गया। इस सरगना को पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य के आधार पर ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया।
पुलिस गिरफ्त में आया ठगी का मास्टर माइंड
पुलिस द्वारा नोएडा से गिरफ्तार किये गए साइबर ठगी के मास्टर माइंड मुईट उर्फ अजीज के बारे में बताते हुए कहा कि, शातिर ठग बिजनेस बीजा पर भारत आया था। उसने दूसरे नाइजीरियन सहयोगियों के साथ मिलकर ग्रेटर नोयडा और दिल्ली में गिरोह बनाकर साइबर अपराधों को अंजाम देना शुरू किया। पुलिस ने आरोपी मुईन के पास से लेपटॉप, मोबाइल, बैंक पासबुक, एटीएम और सिम कार्ड जप्त किया है, जिनकी जांच की जा रही है।
अकेले भोपाल में ही लोगों से ठगे 11 लाख से अधिक
राजधानी भोपाल में इस तरह की ठगी का मामला उस समय सामने आया, जब शहर में रहने वाले पवन अग्रवाल ने साइबर पुलिस में मामले की शिकायत की।फरियादी ने पुलिस को बताया कि, फेसबुक पर विदेशी महिला द्वारा दोस्त बनकर क्रिसमस गिफ्ट भेजा गया। इस गिफ्ट को एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग से छुड़ाने के नाम पर उनसे 11 लाख 22 हजार 844 रूपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने तकनीकि सबूतों के आधार पर बैंक खातों के होल्डर मोबाइल नंबरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए जांच की, तो आरोपियों गुत्थी सुलझती चली गई।
इस तरह बनाया जाता था लोगों को शिकार
साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य सोलोमोन वजीरी महिलाओं के नाम से अपनी फेसबुक आईडी बना रखी थी, इसी आईडी के माध्यम से ये लोगों से दोस्ती करता था। इसके बाद ये रोमांटिक बातें करके लोगों को अपने प्रेम जाल में फंसाते और किसी भी तरह का गिफ्ट देते। कुछ दिन बाद लोगों को कहा जाता कि, एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी ने उनका गिफ्ट पकड़ लिया है। गिफ्ट उन्हीं के शहर में पकड़ाया है, इसलिये वो उस गिफ्ट को किसी तरह छुड़ा लें। इसके बाद ठग खुद कस्टम अधिकारी बनकर फरियादी को गिफ्ट छुड़ाने की बात कहते और मुईन उर्फ अजीज के फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिये अकाउंट नंबर भेजते। तय राशि समय पर जमा न करने पर फरियादी के खिलाफ पुलिस केस करने की भी धमकी दी जाती। खातों में पैसे आते ही आरोपी अपने फर्जी बैंक अकाउंट और फेसबुक की फेक आईडी बंद कर देते।
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