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किसान मुद्दों को लेकर कांग्रेस का ‘सड़क सत्याग्रह’, 7 हाईवे पर एक साथ बड़ा आंदोलन

Congress Sadak Satyagraha : किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस आज गुरुवार 7 मई को राज्य स्तरीय आंदोलन करने जा रही है। पार्टी की ओर से प्रदेश भर के 7 अलग - अलग जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर 'सड़क सत्याग्रह' करेगी।

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Congress Sadak Satyagraha

आज कांग्रेस का 'सड़क सत्याग्रह' (Photo Source- Patrika)

Congress Sadak Satyagraha :मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस आज गुरुवार 7 मई को राज्य स्तरीय आंदोलन करने जा रही है। पार्टी की ओर से प्रदेश भर के 7 अलग - अलग जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर 'सड़क सत्याग्रह' करेगी। आंदोलन के जरिए कांग्रेस सरकार पर गेहूं खरीदी व्यवस्था में विफलता और किसानों के साथ की जा रही वादाखिलाफी का आरोप लगा रही है।

इस संबंध में राजधानी भोपाल स्थित पीसीसी दफ्तर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि, प्रदेशभर में अलग - अलग हिस्सों में एक साथ हाईवे जाम किये जाएंगे। आंदोलन का नेतृत्व वो खुद भी करेंगे, वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इसमें सक्रिय भूमिका की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार, आंदोलन शांतिपूर्ण किया जाएगा, लेकिन इसका उद्देश्य सरकार तक किसानों की आवाज मजबूती से पहुंचाना है।

11 जिलों में 747 कि.मी तक हो सकता है यातायात प्रभावित

कांग्रेस द्वारा किए जा रहे इस आंदोलन का यातायात पर व्यापक असर पड़ सकता है। कांग्रेस के अनुसार, 11 जिलों के करीब 747 किलोमीटर इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

खरीदी व्यवस्था चरमराई

कांग्रेस द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि, राज्य में गेहूं खरीदी व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। बार-बार खरीदी की तारीख बढ़ाना और स्लॉट बुकिंग में देरी ये दिखाता है कि, सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि, खरीदी के शुरुआती 14 दिनों में सिर्फ 9.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसान पंजीयन, स्लॉट बुकिंग, पर्ची अपलोड और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं से परेशान हैं।

कहां आंदोलन की किसे जिम्मेदारी?

-शाजापुर : शाजापुर में सूबे के देवास, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, सीहोर, रायसेन जिले के कार्यकर्ता शामिल होंगे। यहां आंदोलन की जिम्मेदारी प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की होगी।

-खलघाट : खलघाट में सूबे के धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ जिले के कार्यकर्ता जुटेंगे। नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री बाला बच्चन और सचिन यादव के हाथों में होगा।

-शिवपुरी : जिले में शिवपुरी और अशोकनगर के कार्यकर्ता शामिल होंगे।

-ग्वालियर : जिले में ग्वालियर और दतिया के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगेगा, जिसका नेतृत्व राज्यसभा सांसद अशोक सिंह करेंगे।

-मुरैना : जिले में मुरैना के साथ - साथ भिंड के कार्यकर्ता शामिल होंगे। यहां का नेतृत्व गोविंद सिंह और हेमंत कटारे के कांधों पर होगा।

-इंदौर : शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ता जुटेंगे। यहां खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी नेतृत्व की कमान संभालेंगे।

-गुना : यहां भी जिले समेत आसपास के कार्यकर्ता शामिल होंगे, जिनका नेतृ्त्व पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह करेंगे।

सरकार पर आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस आंदोलन को 'सड़क सत्याग्रह' नाम देते हुए कहा कि, इसका उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि किसानों के हक की आवाज उठाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार ने गेहूं खरीदी को लेकर किसानों से किए वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने ये भी कहा कि, उत्पादन और खरीदी के आंकड़ों में बड़ा अंतर है, जिससे किसानों की उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।

इन मांगो के लिए हो रहा आंदोलन

-गेहूं का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए
-कम दाम पर बेचे गए गेहूं का अंतर किसानों को दिया जाए
-खरीदी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए

सरकार ने खारिज किए कांग्रेस के आरोप

वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि, गेहूं खरीदी की सीमा बढ़ाई गई है और प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। सरकार का दावा है कि, अब तक बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदी की जा चुकी है और किसानों की सुविधा के लिए तौल कांटे और वेयरहाउस क्षमता को भी बढ़ाया गया है। एक तरफ कांग्रेस आंदोलन के जरिए दबाव बनाने की तैयारी में है तो वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने संभावित जाम और भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी कर ली है।