
Neha Pacchisia : कटनी की पूर्व नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया फरार हो गई हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद सीएम मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया था। गुरुवार को एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही उनका कोई अता पता नहीं है। कटनी में विवादित जमीन सौदे मामले के दो अन्य आरोपी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस सभी आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
बहुचर्चित पुलिस अधिकारी नेहा पच्चीसिया पर आरोप है कि कटनी में हत्या के एक मामले में उन्होंने आरोपी और उसके परिवार से 15 लाख रुपए मांगे। गिरफ्तारी का दबाव बनाकर बहुमूल्य पुश्तैनी जमीन बेहद कम कीमत पर बेचने का दबाव डाला। जमीन की रजिस्ट्री भी गाइडलाइन से बहुत कम दामों पर कराई। आरोप यह भी है कि सांठगांठ कर लाखों रुपए हड़प लिए।
कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ गंभीर आरोप लगने पर उन्हें वहां से हटा दिया गया। इसके साथ ही जबलपुर एएसपी अनु बेनीवाल को मामले की जांच सौंपी गई। जांच में तत्कालीन CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसपर 19 अगस्त को कटनी के कुठला थाना में तीनों आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में नेहा पच्चीसिया, जमीन खरीदार मारूफ अहमद हनफी और क्षितिज राज बारापत्रे पर केस दर्ज किया गया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद नेहा पच्चीसिया गायब हो गई हैं। पुलिस उनकी तलाश रही है। हालांकि पुलिस अधिकारी नेहा पच्चीसिया को अभी आधिकारिक रूप से भगोड़ा घोषित नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि जिस दिन कटनी में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई वे भोपाल में कोई विभागीय ट्रेनिंग ले रहीं थीं। सूत्रों के अनुसार, केस दर्ज होने की भनक लगते ही वह ट्रेनिंग छोड़कर सेंटर से चली गईं। इसके बाद से नेहा पच्चीसिया फरार बताई जा रहीं हैं। दो अन्य आरोपी क्षितिज राज और मारूफ अहमद हनफी भी फरार हैं।
बता दें कि केस दर्ज होने के बाद शुक्रवार को सुबह ही कटनी के CSP कार्यालय को सील कर दिया गया था। मामले में कागजी और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस टीम एक्टिव हुई। CSP कार्यालय से सभी जरूरी दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित कर लिए गए हैं। जांच टीम, पूर्व सीएसएपी के कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही है। निलंबन के बाद उन्हें भोपाल अटैच किया गया है।