IPS- तीन दिन की रिमांड पर धोखाधड़ी का आरोपी, मृत आइपीएस के फर्जी साइन से लाइसेंस बना सरकार से लिए 5 करोड़
IPS- कहावत है कि मरा हुआ हाथी भी सवा लाख का होता है। एमपी में एक शख्स ने इसे बड़े अफसर से जोड़ दिया। उसने
एक मृत आइपीएस से करोड़ों रुपए कमा लिए। भोपाल की हबीबगंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ़्तार कर मामले का खुलासा किया है। आरोपी एक एजेंसी संचालक राजकुमार पांडे है। उसने मृत पूर्व आईपीएस अधिकारी एसके पांडे के जाली हस्ताक्षर कर जबर्दस्त फर्जीवाड़ा किया। राजकुमार पांडे ने मृत पूर्व आईपीएस अधिकारी के जाली हस्ताक्षर के आधार पर
सुरक्षा एजेंसी का लाइसेंस रिन्यू करा लिया। लाइसेंस के आधार पर प्रदेशभर में सुरक्षा के ठेके हासिल किए और इस प्रकार करोड़ों की सरकारी राशि हड़प ली। आरोपी राजकुमार पांडे 5 साल तक फर्जीवाड़ा करता रहा लेकिन आखिरकार धरा गया। फर्जीवाड़ा के इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
थाना पुलिस के अनुसार, राजकुमार पांडे वर्ष 2013 से क्लासिक सिक्योरिटी नामक एजेंसी संचालित कर रहा था। एजेंसी का पासरा लाइसेंस 2017 में समाप्त हो गया था। इसे रिन्यू कराना जरूरी था लेकिन कई दिक्कतें आ रहीं थीं। ऐसे में आरोपी राजकुमार पांडे ने लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए शातिराना अंदाज में एक पूर्व आईपीएस के नाम पर साजिश रची। उसने पुलिस मुख्यालय में पदस्थ रहे दिवंगत आइपीएस एसके पांडे के फर्जी हस्ताक्षर कर अपने सुरक्षा एजेंसी का लाइसेंस रिन्यू करा लिया। इसके बाद प्रदेश में कई जगहों पर ठेके लिए।
विभाग और पुलिस की जांच में सामने आया कि राजकुमार पांडे ने पूरे 5 साल तक फर्जी लाइसेंस का दुरुपयोग किया। उसने सन 2017 से 2022 तक इसी आधार पर संस्कृति विभाग के अधीन प्रदेशभर के कार्यालयों में सुरक्षाकर्मी, माली और अन्य कर्मचारियों के ठेके हासिल किए। इस दौरान एजेंसी को 8 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ। मामले का खुलासा संस्कृति विभाग में शिकायत के बाद हुई जांच में हुआ।
मृत आईपीएस के जाली हस्ताक्षर से लाइसेंस रिन्यू कराकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी ठेके हासिल किए गए। बीते 5 साल में विभाग से करोड़ों का भुगतान लिया गया। इस मामले में थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि फर्जी दस्तावेज फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि भुगतान प्रक्रिया में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे।
गौरतलब है कि आरोपी राजकुमार पांडे आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई मामले पहले से दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि टीटी नगर, एमपी नगर, कमला नगर और हबीबगंज थानों में राजकुमार पांडे पर धोखाधड़ी, जालसाजी व आपराधिक षड्यंत्र समेत 10 मामले दर्ज हैं।