MP News: कमर्शियल बड़े सिलेंडर नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई है। जिन लोगों से ऑर्डर लिए हैं, उनसे मेन्यू कम करने को कह रहे हैं।
MP News: एलपीजी, खासकर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। तेल कंपनियां दावा कर रही हैं कि सिलेंडरों की सप्लाई जारी है, लेकिन वेंडर से लेकर होटल-रेस्त्रां और ढाबा संचालकों को गैस नहीं मिल रही। लिहाजा, वे कारखानों में डीजल भट्टी और दुकानों पर चाय-नाश्ता तैयार करने के लिए 5 किलो वाले 'छोटू' सिलेंडर का सहारा ले रहे हैं। दूसरी तरफ 15 अप्रेल से शादियों का सीजन शुरू हो रहा है। शादियों के लिए कैटरर्स को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। एलपीजी वितरकों का कहना है कि यदि कंपनियां उन्हें पर्याप्त संख्या में सिलेंडर उपलब्ध करा दें, तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है।
70 प्रतिशत सिलेंडरों की सप्लाई के ऑर्डर हो गए हैं। गैस एजेंसियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था और सुदृढ़ की जा रही है। पहले की तुलना में सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ी है।- चंद्रभान सिंह जादौन, नियंत्रक, जिला खाद्य आपूर्ति
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों और कमजोर समुदायों को ध्यान में रखते हुए 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाई है। मंत्रालय ने 7 अप्रेल से सभी राज्यों में 5 किलोग्राम सिलेंडरों का दैनिक आवंटन दोगुना कर दिया है। अब उपभोक्ता पहचान पत्र और सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर सिलेंडर ले सकते हैं। 23 मार्च से 9 अप्रेल के बीच देशभर में 8.9 लाख से अधिक सिलेंडर बांटे गए, जिनमें 7 अप्रेल को 1.1 लाख से अधिक की रेकॉर्ड बिक्री दर्ज हुई।
कमर्शियल बड़े सिलेंडर नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई है। जिन लोगों से ऑर्डर लिए हैं, उनसे मेन्यू कम करने को कह रहे हैं। बड़े सिलेंडर नहीं मिलने से 5 किलो वाले सिलेंडर से काम कर रहे हैं। - रिंकू भटेजा, चेयरमैन, भोपाल टेंट लाइट कैटरर्स एसोसिएशन
सिलेंडरों की कमी को देखते हुए मेन्यू कार्ड छोटा किया है। होटल-रेस्त्रां संचालकों ने इंडक्शन और भट्टी जैसे विकल्प तैयार किए हैं। कैटरिंग वाले ग्राहकों से सिलेंडर उपलब्ध कराने का कह रहे हैं। सुमित सुरी, अध्यक्ष, होटल-रेस्त्रां एसोसिएशन, मध्यप्रदेश
राजधानी और आसपास में 15 अप्रेल को करीब 500 शादियां होंगी। एक शादी में करीब 10 सिलेंडरों का उपयोग होगा। बुधवार को अकेले शादियों के लिए 5000 सिलेंडरों की जरूरत होगी। प्रदेश में 30 हजार शादियां होंगी। इनमें 2.60 लाख सिलेंडरों के उपयोग की बात कही जा रही है। हालांकि उपलब्धता 40 फीसदी के आसपास ही है। सिलेंडरों की कमी से कैटरर्स और वैवाहिक आयोजन कराने वाले परेशान हैं। कैटरर्स योगेश श्रीवास्तव बताया, सिलेंडर संकट के चलते उन्होंने शादी-विवाह कम ही ऑर्डर लिए हैं।
बागमुगालिया निवासी आयुष परमार अपनी भतीजी की शादी 20 अप्रेल को भोपाल से करने जा रहे हैं लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहे। उन्हें कम से कम 10 सिलेंडर लगेंगे। कैटर्स की तरफ से सिलेंडर का इंतजाम करने को कहा जा रहा है। हम परेशान हो रहे हैं।
भेल निवासी नरेन्द्र कैथल की स्वयं की शादी 26 अप्रेल को है। उनका कहना है कि शादी की तैयारी करे या सिलेंडर की व्यवस्था करें। कुछ समझ में नहीं आ रहा। ऐसी स्थिति रही तो मैन्यू कम करवाना पड़ेगा।
अशोका गार्डन निवासी भागवत सिंह की बिटिया की शादी 21 अप्रेल को है। उनका कहना है कि पहले तो कैटर्स ने सिलेंडर स्वयं व्यवस्था करने को कहा था लेकिन अब कह रहे हैं सिलेंडर की व्यवस्था आपको करना है। ऐसी स्थिति में एक नया संकट खड़ा हो गया है।
-05 किलो वाला छोटू सिलेंडर 585 रुपए
-14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर 918 रुपए
-11 किलो कमर्शियल सिलेंडर 2081 रुपए
-47.5 किलो का सिलेंडर 5199.50 रुपए में