
Ban on constructing new houses and shops in Amarkantak
Amarkantak- नर्मदा संरक्षण पर मोहन सरकार का फोकस पहले से बढ़ गया है। अब नदी के उद्गम स्थल में नो कंस्ट्रक्शन व नो मूवमेंट जोन का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। इसके अंतर्गत सीएम मोहन यादव ने इलाके में नए निर्माण कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि उक्त क्षेत्रफल को अधिसूचित किया जाए, ताकि नर्मदा का उद्गगम हमेशा-हमेशा के लिए चुनौती मुक्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसके लिए सोमवार को अमरकंटक पहुंचे, यहां साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों और नर्मदा के संरक्षण से जुड़ी नर्मदा समग्र समेत अन्य संस्थाओं के प्रमुखों के साथ बैठक की। उद्गम स्थल समेत समग्र नर्मदा के संरक्षण पर उनके विचार जाने और अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विचारों को सूचीबद्ध करें और उनका परीक्षण भी कराएं।
असल में नर्मदा के सामने वर्षों से अवैध उत्खनन और बेतर-तीब विकास बड़ी चुनौती है। उद्गम स्थल भी इससे अछूता नहीं है। ये सभी बातें मुख्यमंत्री के संज्ञान में आईं है। इन सभी विषयों को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों, संघ, संगठन के पदाधिकारियों के साथ 15 दिन पहले भदभदा स्थित सुशासन संस्थान में लंबी बैठक की थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को अमरकंटक में नर्मदा समग्र मिशन की बैठक ली। बैठक में वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल, अध्यक्ष नर्मदे हर सेवा न्यास एवं मप्र कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को अमरकंटक में नए निर्माण कार्यों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमरकंटक क्षेत्र में अनियंत्रित कंक्रीट निर्माण को प्रतिबंधित किया जाए।
अमरकंटक में सीमेंट एवं कंक्रीट के निर्माण पर पाबंदी के सीएम मोहन यादव के निर्देश पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अवगत कराया कि अमरकंटक क्षेत्र का ड्रोन सर्वे पूर्व में कराया जा चुका है। इसमें यदि कोई अवैध निर्माण कार्य पाया जाता है, तो उस पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि अमरकंटक विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, नगर परिषद तथा अमरकंटक मंदिर के विकास के लिये कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति के माध्यम से समय-समय पर अमरकंटक के विकास एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं एवं बिंदुओं पर चर्चा की जाती है।
स्थानीय प्रजाति के पौधे, वन औषधि पौधों का प्राथमिकता के साथ रोपण किया जाए। अमरकंटक के प्राकृतिक स्वरूप को निखारने के लिए स्थानीय प्रजाति साल, महुआ, ऑवला, चार, हर्रा, गुलबकावली आदि स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण करें।
नर्मदा उद्गम स्थल पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध समय-समय पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर को दिए।
अमरकंटक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है, उस दृष्टि से व्यवस्थित विकास हो।
क्षेत्र में प्लास्टिक एवं शराब के उपयोग पर कठोर प्रतिबंध है, उपयोग पर कार्रवाई करें।
अमरकंटक में नो मूवमेंट एवं नो कंस्ट्रकशन जोन निर्धारित किया जाए, जिससे क्षेत्र की पवित्रता, पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करें।
सीमेंट एवं कांक्रीट निर्माण से बचे।
ट्रैकिंग रूट, अग्नि सुरक्षा की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन, वन उत्पादों के प्रबंधन, जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन, वन्यजीवों के मूवमेंट एवं उनकी स्थिति सहित अमरकंटक के मंदिरों, तालाबों एवं घाटों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दें।
Published on:
14 Apr 2026 01:05 pm
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