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ट्विशा केस: गिरिबाला सिंह को उल्टी पड़ी चाल, अदालत में जाने से ट्विशा की मौत पर बढ़ गया शक

Giribala Singh- सीबीआई की पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, अग्रिम जमानत पर गिरिबाला सिंह ने उठाया गलत कदम, स्थितियों का सही अंदाज नहीं लगा सकी

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Suspicion deepens against Giribala Singh in the Twisha Sharma case

Suspicion deepens against Giribala Singh in the Twisha Sharma case

Twisha Sharma case - भोपाल की ​पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह इस समय सीबीआई की हिरासत में हैं। अपनी बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में वे आरोपों के घेरे में हैं। शुक्रवार को गिरिबाला सिंह को सीबीआई को 5 दिन की रिमांड पर दिया गया। दोपहर 12.30 बजे उन्हें भोपाल कोर्ट में पेश किया गया था। गिरिबाला सिंह जहां खुद जिला जज रहीं, उसी कोर्ट में वे करीब 90 मिनट तक कठघरे में खड़ी रहीं। रिमांड पर लेने के बाद भी सीबीआई गिरिबाला सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने जांच अधिकारियों के समक्ष ​अग्रिम जमानत लेने के अपने फैसले को गलत बताया। गिरिबाला सिंह ने माना कि इससे वे ही संदेह के घेरे में आ गईं।

सीबीआई अब ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की वारदात का रिक्रिएशन करने की तैयारी में लगी है। इसके लिए भोपाल पुलिस का सहयोग भी लिया जा रहा है। जांच अधिकारी घटनास्थल यानि पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर का अच्छे से जायजा ले चुके हैं। वारदात के संबंध में ​उनके व बेटे समर्थ सिंह के बयान भी लिए जा चुके हैं। अब इन बयानों का सत्यापन किया जाएगा।

ट्विशा के परिवार के वकील बोले-अब जांच नए सिरे से बढ़ेगी

सीबीआई के हाथ में केस आ जाने के बाद से ही ट्विशा का परिवार जांच से संतुष्ट बताया जा रहा है। उनके हाईकोर्ट अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया, हाईकोर्ट पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर चुका था। जांच के लिए उनकी हिरासत जरूरी मानी गई थी। इसलिए रिमांड का विरोध नहीं किया। इधर गिरिबाला सिंह को पांच दिन की रिमांड मिलने के बाद वकील अंकुर पांडे ने भी संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि इससे अब जांच नए सिरे से आगे बढ़ेगी।

उल्टी पड़ी चाल, अग्रिम जमानत से बढ़ गया शक

सीबीआई की पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने केस के संबंध में जल्दबाजी में कुछ गलत फैसले लिए। उन्होंने खुद ये बात कुबूली। विशेष तौर पर अग्रिम जमानत लेने को उन्होंने अपनी गलती मानी। सीबीआई से उन्होंने कहा कि इससे वे ही शक के घेरे में आ गईं।

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से अग्रिम जमानत लेने के निर्णय पर सवाल उठाया। सीबीआई ने साफ कहा ​कि वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी पर रहने के कारण जब आप खुद कानूनी जानकारी रखती हैं और स्वयं को निर्दोष भी मान रहीं थीं तब बहू के परिजनों द्वारा एफआईआर दर्ज कराने से पहले ही आपने अग्रिम जमानत का आवेदन क्यों दे दिया? इसपर गिरिबाला सिंह ने साफगाई दिखाई। उन्होंने इसे अपना गलत कदम बताया। बताते हैं कि जांच अधिकारियों से गिरिबाला सिंह ने यह भी कहा कि वे आनेवाली स्थितियों का सही अंदाज नहीं लगा सकी थीं। अग्रिम जमानत लेने से उन पर ही संदेह बढ़ गया।