Global Investors Summit: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) में सेज ग्रुप की तरफ से कुल 1450 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए जा रहे हैं। इनमें से 500 करोड़ नवकरणीय ऊर्जा में, 300 करोड़ का अत्याधुनिक होटल और 650 करोड़ रियल एस्टेट में निवेश करने जा रहे हैं।
Global Investors Summit: देश का हृदय स्थल है मध्यप्रदेश। यहां भरपूर संसाधन हैं। कनेक्टिविटी बेहतर है। खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है। खास यह कि कानून व्यवस्था बहुत अच्छी है। कभी दंगे नहीं होते। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) पॉजिटिवली एग्रेसिव पर्सन हैं, जो उद्योगों और निवेश को बढ़ाने के लिए अच्छे निर्णय ले रहे हैं। इसलिए यह मध्यप्रदेश में निवेश करने का सबसे अच्छा समय है।
भोपाल में होने जा रही ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (Global Investors Summit 2025) इसके लिए सबसे अच्छा मौका है। यह बातें सेज ग्रुप के सीएमडी इंजीनियर संजीव अग्रवाल (The SAGE Group CMD Er. Sanjeev Agrawal) ने पत्रिका से खास बातचीत में कहीं।
मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। खासतौर पर डिफेंस में बहुत संभावना है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक, कृषि, फूड प्रोसेसिंग में भी काफी संभावनाएं हैं। पिछले आठ साल से मप्र कृषि कर्मण अवॉर्ड जीत रहा है। रियल एस्टेट भी हमारे यहां उतने पीक पर नहीं गया है जितना दूसरे मेट्रोज में पहुंच गया है। इसलिए इस क्षेत्र में असीमित संभावनाएं हैं। नवीकरणीय ऊर्जा बहुत ही अच्छा उभरता हुआ क्षेत्र है।
देखिए, मप्र में अभी नवकरणीय ऊर्जा उभरता हुआ क्षेत्र है। निवेश की काफी संभावनाएं हैं। हमने भोपाल के पास मंडीदीप में 50 करोड़ से एक फैक्ट्री शुरू की है। दो-तीन साल में 500 करोड़ और लगाकर विस्तार करेंगे। इसमें लीथियम आयन बैटरीज रीसाइकलिंग और मेटल प्युरिफिकेशन का काम होगा। आगामी 5-7 साल में हम इसमें लगभग तीन हजार करोड़ का और निवेश करेंगे। इसमें बैटरी प्रोडक्शन भी शुरू किया जाएगा।
कुछ अट्रेक्शन के साथ अनुमतियां जल्दी होना चाहिए। सरकार ने उद्योग संबंधी नई नीतियां बनाकर अट्रेक्शन बढ़ा दिया है। अभी प्रदेश में देश में सबसे अच्छी इंसेंटिव पॉलिसी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत अनुमतियों का सिस्टम तेज हो गया है। कैपिटल सब्सिडी भी मिल रही है। इसलिए निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
पूरे विश्व में इंडिया में सबसे इकोनोमिकल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। भोपाल, इंदौर हेल्थ सेक्टर का हब बनने वाला है। हेल्थ टूरिज्म की काफी संभावनाएं हैं। कई आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर आ रहे हैं। हमने भोपाल में सेज अपोलो हॉस्पिटल शुरू किया है। आगामी तीन साल में वेलनेस सेंटर भी शुरू हम शुरू करेंगे।
मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। आइटीआइ भी हैं। यहां से हर साल सैकड़ों युवा प्रशिक्षित होकर निकल रहे हैं। इसलिए उद्योगों को आसानी से प्रशिक्षित युवा मिल रहे हैं। हम भी युवाओं को प्रशिक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।