
Good News: मध्यप्रदेश के अलग अलग विभागों में काम करने वाले संविदाकर्मियों के लिए एक अच्छी खबर (Good News) है। एमपी की मोहन सरकार एक ऐसा नया नियम लेकर आई है जो संविदाकर्मियों को काफी राहत देने वाला है। नये नियम के बाद अब कोई भी विभाग अपनी मनमर्जी से संविदाकर्मियों को नौकरी से नहीं निकाल पाएगा। इसके साथ ही नए नियम में संविदाकर्मियों के लिए और भी कई फायदे हैं।
मध्यप्रदेश सरकार संविदाकर्मियों के लिए नई संविदा नीति लेकर आई है और प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने तो इसे लागू भी कर दिया है। नई नीति लागू होने के बाद अब ऊर्जा विभाग में काम करने वाले संविदाकर्मियों को कई फायदे होंगे और नियमित कर्मचारियों की तरह सुविधाएं मिलने लगेगीं। नई नीति लागू होने के बाद संविदाकर्मियों को सिर्फ तभी बर्खास्त किया जा सकता है जब उनका प्रदर्शन असंतोषजनक हो या वे अनुशासनात्मक कार्रवाई के अधीन हों।
जानकार बताते हैं कि नई संविदा नीति लागू होने से संविदा कर्मचारियों को चिकित्सा अवकाश, अवकाश, और अन्य लाभ मिल पाएंगे जो कि अभी तक उन्हें नहीं मिलते थे। इतना ही नहीं संविदा कर्मचारियों को केवल तभी बर्खास्त किया जा सकेगा जब उनका प्रदर्शन बेहद खराब होगा या फिर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई हो। नई नीति में संविदा कर्मचारियों का मूल्यांकन हर साल उनके रिपोर्टिंग अधिकारी द्वारा किया जाएगा। यह मूल्यांकन उनकी सेवा अवधि और पदोन्नति के अवसरों को निर्धारित करेगा। संविदा कर्मचारियों का अनुबंध 5 वर्ष तक के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है।
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