benefit of 7th pay scale to the employees सरकार ने 7 वें वेतनमान में भी जमकर पेंच फंसाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दे रही।
7 वें वेतनमान ने सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों को मालामाल बना दिया। इससे सरकारी अमले के वेतन में बेतहाशा वृद्धि हुई। हालांकि 7 वें वेतनमान का पूर्ण लाभ देने में सरकारी कोताही के भी जब तब आरोप लगते रहे हैं। ऐसा ही आरोप मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच ने भी लगाया है। मंच का कहना है कि सरकार ने 7 वें वेतनमान में भी जमकर पेंच फंसाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार स्थाई कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दे रही। अब मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच ने इसके लिए हड़ताल का ऐलान किया है। मंच के पदाधिकारियों के अनुसार 19 दिसंबर को प्रदेशरभर के स्थाई कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। इससे सरकारी ऑफिसों में रोजमर्रा का काम काज प्रभावित होने की आशंका है।
मध्यप्रदेश में स्थाई कर्मचारियों को 7वें वेतनमान का लाभ देने में राज्य सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है। कुछ कर्मचारियों को यह लाभ दिया गया है जबकि अन्य हजारों स्थाई कर्मचारियों को इससे वंचित रखा है। ऐसे में सरकार के खिलाफ कर्मचारियों में असंतोष पनप रहा है।
स्थाई कर्मचारियों और कर्मचारी नेताओं के मुताबिक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्थाई कर्मचारियों को 7वें वेतनमान का लाभ दिया है पर हजारों अन्य स्थाई कर्मचारियों को जनवरी 2016 से 7वें वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी राज्य सरकार ने स्थाई कर्मचारियों को इससे वंचित रखा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया गया फिर भी स्थाई कर्मियों को लाभ नहीं दिया।
मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच ने अब इसके लिए हड़ताल का ऐलान किया है। मंच के अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि 7वें वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर स्थाई कर्मचारी 19 दिसंबर को हड़ताल पर रहेंगे। स्थाई कर्मी वन भवन में एकत्रित होकर विधानसभा के लिए निकलेंगे। विधानसभा के घेराव के बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।