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एमपी के डिप्टी सीएम के बंगले पर चिपके पोस्टर… ‘फर्जी रिपोर्ट के लिए संपर्क करें’

MP NSUI- एनएसयूआई द्वारा डिप्टी सीएम और चिकित्सा मंत्री राजेंद्र शुक्ला के बंगले पर भी पोस्टर चिपका दिया गया।

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NSUI pastes posters on Deputy CM Rajendra Shukla's bungalow

NSUI pastes posters on Deputy CM Rajendra Shukla's bungalow

MP NSUI- एमपी कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर मुखर हो रही है। पार्टी की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने भोपाल में अनोखा विरोध दर्ज कराया है। राजधानी में लगातार सामने आ रहे फर्जी अस्पतालों के मामलों को लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर अभियान चलाया। इसमें कथित रूप से फर्जी अस्पतालों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ मोर्चा खोला है। इसी क्रम में एनएसयूआई द्वारा डिप्टी सीएम और चिकित्सा मंत्री राजेंद्र शुक्ला के बंगले पर भी एक पोस्टर चिपका दिया गया। इसमें साफ शब्दों में लिख दिया कि 'फर्जी रिपोर्ट के लिए संपर्क करें'। इधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने टीईटी की अनिवार्यता का विरोध किया है। इस संबंध में उन्होंने सीएम मोहन यादव को पत्र भी लिखा है।

एनएसयूआइ के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि शहर में कई अस्पताल ऐसे संचालित हो रहे हैं, जिनके संचालक कागजों में डॉक्टर और स्टाफ दर्शाकर नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कई मर्तबा शिकायतें की गईं लेकिन जिम्मेदार इनके रसूख के दबाव में आंखे मूंदे बैठे है।

राजधानी में जेपी अस्पताल के सीएमएचओ के खिलाफ लगे पोस्टर

राजधानी के जयप्रकाश जिला अस्पताल में लगे विवादित पोस्टरों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्जी अस्पतालों को संरक्षण देने के आरोपों के बीच सियासत तेज हो गई है। अस्पताल परिसर में सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इनमें भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। पोस्टर लगने के बाद अस्पताल का माहौल असहज हो गया है और लोग व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

अस्पताल की फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट बनाने के लिए संपर्क करें - टीम नटवरलाल

पोस्टर अभियान के अंतर्गत एनएसयूआई ने प्रदेश के डिप्टी सीएम और चिकित्सा मंत्री राजेंद्र शुक्ला के बंगले पर भी पोस्टर चिपकाए। मंत्री सहित विभाग के अन्य सरकारी कार्यालयों में व्यंगात्मक पोस्टर लगाए गए। इनमें लिखा था अस्पताल की फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट बनाने के लिए संपर्क करें - टीम नटवरलाल।

दिग्विजय सिंह ने टीईटी अनिवार्यता का विरोध किया

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने टीईटी अनिवार्यता का विरोध करते हुए इस मामले में सीएम को पुनर्विचार करने को पत्र लिखा है। दिग्विजय ने स्कूलों में कार्यरत दो लाख से अधिक शिक्षकों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया। पत्र में लिखा है कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के संदर्भ में राज्य सरकार को रिव्यू पिटिशन या क्यूरेटिव पिटिशन दायर कर टीईटी अनिवार्यता को भूतलक्षी के बजाय भविष्यलक्षी प्रभाव से लागू कराने की मांग करनी चाहिए। सिंह ने कहा, इसकी अनिवार्यता 25-30 सालों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अनुचित है। असफलता की स्थिति में हजारों शिक्षकों की आजीविका पर संकट होगा।