भोपाल

मंत्री बोले-पार्टी बनाकर लड़ लो चुनाव, MP में गेस्ट स्कॉलर्स ने बना ली ‘विद्वान जनता पार्टी’

MP Guest scholars protest: उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की टिप्पणी के बाद अतिथि विद्वानों ने कॉकरोच जनता पार्टी की तरह अब अपनी पार्टी बना ली है। उन्होंने इसका नाम 'विद्वान जनता पार्टी' (Vidwan Janata Party-VJP) रखा है।
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Sep 18, 2026
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MP Guest Scholars Protest- MP में गेस्ट स्कॉलर्स ने बना ली 'विद्वान जनता पार्टी'-VJP (फोटो सोर्स- Inder Singh Parmar X handle/ Patrika)

MP Guest scholars protest Vidwan Janata Party:भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के फॉलेन आउट प्रक्रिया रोकने से साफ इनकार और अतिथि विद्वानों को अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने की सलाह के बाद आंदोलन ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। अतिथि विद्वानों ने 'विद्वान जनता पार्टी (VJP)' के नाम से अपनी पार्टी तैयार करने का ऐलान किया है। अतिथि विद्वानों का कहना है कि वर्षों से उनकी मांगों पर सरकार से आश्वासन मिलते रहे, लेकिन फॉलेन आउट की प्रक्रिया के चलते सैकड़ों अतिथि विद्वान बेरोजगार हो चुके हैं।

दो दिन पहले मंत्री से की मुलाकात

बुधवार को मंत्री से मुलाकात में जब उन्होंने हरियाणा मॉडल लागू होने तक फॉलन आउट रोकने की मांग रखी तो मंत्री ने इसे संभव नहीं बताया। इसके बाद अतिथि विद्वानों ने मंत्री की बात को चुनौती के रूप में लेते हुए राजनीतिक विकल्प की दिशा में कदम बढ़ाया। अतिथि विद्वानों का कहना है कि यदि उनकी आवाज सरकार तक आंदोलन के जरिए नहीं पहुंच रही है तो अब वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता के बीच ले जाएंगे।

इंदर सिंह परमार के बंगले के सामने धरने पर अतिथि विद्वान

अतिथि विद्वान तीन दिन से उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के भोपाल स्थित बंगले के बाहर धरने पर बैठे हैं। बुधवार को मंत्री इंदर सिंह परमार ने अतिथि विद्वानों के चार प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनी थी लेकिन फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने से साफ इनकार कर दिया था। अतिथि विद्वानों की मांग है कि जब तक नियमितीकरण और स्थायित्व को लेकर नीति नहीं बनती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया रोक लगा दी जाए।

शिवराज सिंह चौहान का रोका था काफिला

बता दें कि, बुधवार को करीब 200 अतिथि विद्वानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोक कर अपनी मांगें बताईं और 11 सितंबर 2023 के उनके आश्वासन याद दिलाया और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया शिवराज ने साल 2023 में फॉलन आउट की प्रक्रिया रोकने की बात कही थी।

अतिथि विद्वानों ने रखी ये दो मांगे

  • नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने की निश्चित समयावधि तय की जाए।
  • जब तक यह नीति लागू नहीं होती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया बंद की जाए।
Updated on:
18 Sept 2026 08:28 am
Published on:
18 Sept 2026 08:28 am