
भोपाल। हिंन्दू धर्म में हनुमान जयंती का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हनुमान का जन्म हुआ था। माता अंजनी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया था। हनुमान जी के पिता का नाम केसरी था इसलिए उन्हें केसरी नंदन के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्ष 19 अप्रैल 2019, दिन शुक्रवार को देशभर में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व मनाया जा रहा है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की पूजा पाठ करने से शत्रु पर विजय और हर मनोकामना पूरी होती है।
इस तरह मनाएं हनुमान जयंती
हनुमान जयंती के दिन उपवास रखने वाले एक दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए, साथ ही कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। इस दिन भक्तजन मंदिरों में अपने आराध्य देव के दर्शन करने और उनका आशीष लेने जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, हनुमानजी बाल ब्रह्मचारी थे इसलिए इन्हें जनेऊ भी पहनाया जाता है और इनकी मूर्तियों पर सिंदूर और चांदी का व्रक भी चढ़ाते हैं।
जरूर करें ये उपाय
- कोरोबार में वृद्धि के लिए हनुमान जयंती को सिंदूरी रंग का लंगोट हनुमानजी को पहनाइए। हनुमान जी के मंदिर जाएं, उन्हें केसरी रंग का चोला चढ़ाएं और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। सिर से 8 बार नारियल वारकर हनुमान जी के चरणों में रखें। साथ ही हनुमान जी के मंदिर जा कर उनका कोई भी सरल मंत्र पढ़ें और हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। फिर हनुमान जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें लौंग डालें। ऐसा करने से आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।
- हनुमान जी की पूजा में दीपदान का खास महत्व होता है। पांच अनाजों (गेहूं, चावल, मूंग, उड़द और काले तिल) को पूजा से पहले एक-एक मुट्ठी मात्रा में लेकर शुद्ध गंगाजल में भिगो दें। अनुष्ठान वाले दिन इन अनाजों को पीसकर इस आटे से दीया बनाएं। बत्ती के लिए एक कच्चे सूत को अपनी लंबाई के बराबर काटकर लाल रंग में रंग लें। इस धागे को पांच बार मोड़ लें। इस प्रकार के धागे की बत्ती को सुगन्धित तिल के तेल में डालकर प्रयोग करें। जब तक पूजा चले यह दिया जलता रहना चाहिए। ऐसा करने से आपकी सारी मनोकामनाएं दूर हो जाएंगी।