
अक्सर लगातार असफलता मिलने के बाद इंसान हतोत्साहित हो जाता है और हार मानकर बैठ जाता है। लेकिन हरदा जिले की अर्चना नागर की असल जीवन की कहानी ऐसे हारकर बैठ चुके लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती है। दरअसल इंदौर से पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद हरदा जिले की अर्चना नागर अपने माता- पिता की तरह आधुनिक खेती करने गांव लौटी। लेकिन वो कुछ नया करना चाहती थीं। तभी उन्हें साउथ अफ्रीका में होने वाले फूल हिबिस्कस सबदरिफा के बारे में पता चला। क्योंकि इस फूल में कई न्यूट्रीशियन वैल्यू होती हैं। लिहाजा इस फूल के हर उम्र के बारे में बारिकी से रिसर्च किया और उसके बाद इसके प्रोडक्ट बनाकर मार्केट में ऑफलाइन लांच किया। लेकिन लोगों ने कोई रिस्पांस नहीं किया। और पूरा कारोबार ठप्प हो गया। लेकिन फिर अर्चना ने हिम्मत जुटाई और ऑनलाइन काम को शुरू किया। लेकिन तब भी शुरूआत में उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली। फिर उन्होंने पूरा ऑनलाइन काम सीखा और अपने कंपनी में मां को पार्टनर बनाया। उसके बाद फिर से ब्रांड को रिलांच किया तब उनके प्रोडक्ट को अच्छा रिस्पांस मिला। और महज कुछ महीनों में लाखों का प्रोडक्ट भारत के विभिन्न राज्यों में बिक गया। अब अर्चना ने इस साल का टारगेट 1.30 का रखा है।
25 एकड में करती हैं फूल की खेती
अर्चना अब फूल से बने 8 प्रकार से ज्यादा प्रोडक्ट तैयार करती हैं। जिनमें 4 तरह की चाय और 4 तरह के जूस है। अर्चना ने बताया कि खेत में सिर्फ 12 महिलाएं काम करती हैं। जिसकी पूरी जिम्मेदारी मां संभालती हैं। और बाकी का काम जैसे प्रोडक्ट तैयार करना, मार्केटिंग और नए प्रोडक्ट पर रिसर्च जैसे काम के लिए मेरे पास 12 लोगों की टीम है जो अलग- अलग काम करती है।
अभी गुजरात में होती है पैकिंग, हरदा में प्लांट लगाने की तैयारी
अर्चना ने बताया कि अभी प्रोडक्ट की पैकिंग हम गुजरात से करवाते हैं कि क्योंकि मशीन सहित पूरा सेटअप लगाने में ज्यादा खर्चा आएगा। लेकिन जैसे- जैसे हमारा काम बढ़ रहा है वैसे- वैसे हमारी योजना है कि अब जल्द ही हम हरदा में अपना प्लांट लगा लेंगे।