भोपाल

स्वास्थ्य विभाग होशंगाबाद मॉडल से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को बनाएगा स्मार्ट

नवाचार: अस्पतालों को आधुनिक बनाने में अब नहीं होगी बजट की तंगी
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Nov 06, 2019
health Department
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भोपाल. प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की दशा सुधारने स्वास्थ्य विभाग अब होशंगाबाद के मॉडल को लागू करने जा रहा है। भोपाल के सीएमएचओ डॉ. सुधीर डहेरिया ने होशंगाबाद जिले में सिविल सर्जन रहते हुए सीएसआर (सोशल कॉज रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से जिला अस्पताल में विकास कार्य करवाए थे। उन्होंने 4 करोड़ का निवेश कर अस्पताल को स्मार्ट बना दिया। खास बात यह है कि इस काम में विभाग का एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ। अब विभाग इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने जा रहा है। इसके लिए सभी कलेक्टरों को मॉडल की समीक्षा कर अपने जिले में लागू करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य आयुक्त ने कलेक्टरों को भेजा पत्र
स्वास्थ्य आयुक्त नीतेश व्यास सहित कई अधिकारियों ने जिला अस्पताल का दौरा कर सीएसआर फंड से की गई व्यवस्थाओं को देखा। व्यास ने सभी कलेक्टर्स को पत्र लिखकर अपने जिले में सीएसआर फंड और डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड से सुविधाओं का विस्तार करने के लिए पहल करने के लिए कहा है।

यह है सीएसआर मॉडल
डॉ. डहेरिया ने बताया कि सोहागपुर बीएमओ रहने के दौरान उन्हें कंपनियों के सीएसआर फंड के बारे में पता चला। होशंगाबाद जिला अस्पताल का सिविल सर्जन बनने के बाद उन्होंने आसपास की फैक्ट्रियों और कंपनियों में जाकर बात की। अस्पताल की जरूरतों के प्रोजेक्ट तैयार कर कंपनियों को भेजे। इस दौरान सबसे कठिन काम था, कंपनियों को विश्वास दिलाना कि उनके फंड का उपयोग मरीजों के भले के लिए किया जाएगा। छह माह की मेहनत के बाद कंपनियों ने अस्पताल में काम कराना शुरू किए। सालभर में करीब ढाई करोड़ के अत्याधुनिक उपकरणों को अस्पताल में स्थापित किया गया।

इस योजना में उद्योग घरानों और कंपनियों को पैसा खर्च करना ही है। जरूरत है कि कौन अधिकारी गंभीरता से इस मॉडल को सफल बनाने के लिए काम करेगा। कंपनियों को यह विश्वास दिलाना मुश्किल होता है कि वो जो फंड सरकार को दे रहे हैं, उसका उपयोग सही दिशा में होगा। जो अधिकारी यह कर लेगा, उसका यह मॉडल सफल हो जाएगा।
डॉ. केके ठस्सू, पूर्व संचालक, स्वास्थ्य

Published on:
06 Nov 2019 03:30 am