Heart valve replacement TAVI technique at AIIMS Bhopal दिल का वाल्व बदलने टीएवीआइ तकनीक एम्स भोपाल में
Heart valve replacement TAVI technique at AIIMS Bhopal - चिकित्सा के क्षेत्र में एमपी में बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। यहां बिना सर्जरी के केवल आधा घंटे में ही दिल में नया वाल्व लगा दिया जाएगा। भोपाल में ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन की जल्द शुरुआत हो रही है जिसके माध्यम से मरीजों को यह सुविधा दी जाएगी। दिल का ऐसा इलाज एम्स भोपाल AIIMS Bhopal में होगा। इसके लिए एम्स के कार्डियक सर्जरी विभाग में तीन मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
दिल के इलाज की जो तकनीक देश के गिने-चुने अस्पतालों में ही है, उस तकनीक से अब एमपी और खासतौर पर भोपालवासियों का इलाज हो सकेगा। नई तकनीक से भोपाल एम्स में बिना सर्जरी के दिल के वाल्व महज आधा घंटे में बदल जाएंगे। अभी तक लोगों को दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में जाकर इलाज कराना पड़ता था।
ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (टीएवीआइ) की शुरुआत के साथ ही एम्स भोपाल AIIMS Bhopal Heart Operation मध्यप्रदेश का इस तकनीक से दिल का इलाज करनेवाला पहला सरकारी अस्पताल बन जाएगा। इस तकनीक से दिल के वाल्व बदलने की प्रक्रिया मात्र आधे घंटे में पूरी कर ली जाएगी। अभी तक इसमें चार घंटे लगते हैं।
खास बात यह है कि दिल का वाल्व बिना चीरा लगाए ही बदला जाएगा। इस तकनीक से ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत नहीं होगी। नई तकनीक से उपचार के लिए एम्स में तीन मरीजों की स्क्रीनिंग चल रही है। कार्डियक सर्जरी विभाग अन्य जरूरी जांचें भी कर रहा है।
कार्डियक सर्जरी विभाग के एचओडी डा. योगेश निवारिया बताते हैं कि हार्ट में चार चैंबर होते हैं और सभी में खून का बहाव होने पर वाल्व खुलते हैं। वाल्व खराब होने पर खून से संबंधित प्रक्रिया में दिक्कत आने लगती है। ऐसे में उत्पन्न होनेवाली समस्याएं खत्म करने के लिए अब तक ओपन हार्ट सर्जरी ही करनी पड़ती थी पर अब टीएवीआइ में स्टेंट की तरह ही कैथेटर के जरिए वाल्व रिप्लेसमेंट होगा।
इसके लिए एम्स में जरूरी मशीनें भी आ गई हैं। हार्ट वाल्व की समस्या से ग्रसित उम्रदराज मरीजों के लिए यह वरदान जैसी है।