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7 फेरे लेने के बाद सिर्फ ’15 दिन’ साथ रहे पति-पत्नी, अब होना चाहते अलग

MP News: तलाक के केस बढ़ने के पीछे बदलती सामाजिक सोच, आर्थिक स्वतंत्रता, बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रभाव और व्यक्तिगत अपेक्षाएं जैसे कई कारण हैं....

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Divorce

Divorce प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

MP News: सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और आधुनिक दौर में महिलाएं शादी के बाद भी स्मार्ट लाइफ स्टाइल जीना चाहती है। परिवार न्यायालय में सामने आए मामलों में देखा गया है कि महिलाएं सरकारी नौकरी के बाद पतियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और घरेलू विवाद की शिकायतें लेकर पहुंच रही यह है।

कुछ मामले में पति तलाक का सामना कर रहे हैं। परिवार परामर्श काउंसलर शैल अवस्थी ने बताया कि आधुनिक दौर में पहनावे और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर रोक-टोक करना नई पीढ़ी को पसंद नहीं है। ससुराल पक्ष से सवाल पूछना इन विवादों का सबसे बड़ा कारण है।

इस तरह के केस से समझें

केस- 1

भोपाल निवासी एक युवक ने अपनी आठवीं पास पत्नी को पढ़ा-लिखाकर एमएससी कराई। नौकरी लगते ही पत्नी ने ससुराल वालों से लड़ाई-झगड़े शुरू कर दिए और मानसिक तनाव देने लगी। परेशान पति अब परिवार बचाने के लिए परिवार न्यायालय के चक्कर लगा रहा है।

केस- 2

विभाग में कार्यरत महिला एनएचएम हैं और पति बैंक कर्मचारी है। शादी को 15 दिन हुए और दोनों के बीच साथ न रहने को लेकर विवाद बढ़ गया। अब दोनों एक साथ नहीं रहना चाहते हैं।

केस- 3

बीते दिनों एक बड़ा मामला सामने आया। भोपाल में पति पंडिताई कर पत्नी को पढ़ाया। शादी के समय महिला का सपना पुलिस विभाग में भर्ती होने का था। पति ने उसकी इस इच्छा का सम्मान किया और संकल्प लिया कि वह उसे वर्दी में जरूर देखेगा। समय के साथ पत्नी ने एसआइ की परीक्षा पास कर नौकरी जॉइन की। इसके बाद दोनो में विवाद होने लगे। पहले जो पत्नी पति की पंडिताई से खुश थी, वही एसआइ बनने के बाद पहनावे और चोटी से परेशान होने लगी।

क्यों बढ़ रहे ऐसे केस

तलाक के केस बढ़ने के पीछे बदलती सामाजिक सोच, आर्थिक स्वतंत्रता, बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रभाव और व्यक्तिगत अपेक्षाएं जैसे कई कारण हैं। जहा लोग असहमति होने पर समझौता करने की बजाय अलग होना पसंद करते हैं, जिससे छोटी बातों पर भी तलाक की नौबत आ रही है, जैसे कि पारिवारिक दखल, संवादहीनता, वित्तीय मतभेद और बेवफाई प्रमुख कारण बन रहे हैं, और अब विवाह को पवित्र बंधन से ज्यादा एक अनुबंध माना जाने लगा है।

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