उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भारी वर्षा हो सकती है....
भोपाल। राजधानी भोपाल में भीषण गर्मी और उमस ने बेचैनी बढ़ा दी है। रोजाना दोपहर के बाद बादल तो छाने लगते हैं, लेकिन बिना बारिश किए ही बादल गायब हो जाते हैं। हालांकि प्रदेश में एक बार फिर मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश की भी संभावना बन सकती है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक 17 से 19 जुलाई को उत्तरी मप्र के अधिकतर स्थानों पर बारिश की संभावना है।
इसी दौरान उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भारी वर्षा हो सकती है। नमी लाने वाली मानसून द्रोणिका ऊपर आकर अमरेली, सूरत, बुलडाना, आदिलाबाद, जगदलपुर, विशाखापत्तनम के साथ ही सामान्य स्थिति में दक्षिण से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
यह समुद्र तल से 1.5 किमी तक फैली है, जो मजबूत है। इस द्रोणिका के दो दिनों में उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है। इसके चलते 18 जुलाई को चरम वर्षा गतिविधि के साथ, 17 से 19 जुलाई को उत्तरी मप्र में अधिकतर स्थानों पर वर्षा की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के इस पूर्वानुमान की पुष्टि मौसम विभाग के साप्ताहिक बुलेटिन से भी हो रही है जिसमें 18 व 19 जुलाई को पूर्वी व पश्चिमी मप्र में भारी बारिश की बात कही गई है।
एक बार फिर हवा का रुख पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी होने लगेगा। साथ ही मानसून ट्रफ के भी प्रदेश में आने की संभावना है। इससे शनिवार से राजधानी सहित ग्वालियर, चंबल संभाग में तेज बौछारें पड़ने की संभावना बन रही है।