साध्वी को टक्कर देने के लिए भोपाल से चुनावी मैदान में उतरा हेमंत करकरे का 'चेला'
भोपाल. मुंबई हमले के दौरान शहीद हुए आईपीएस हेमंत करकरे पर साध्वी के बयान से आहत पूर्व असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर से भोपाल से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। रियाज देशमुख ने भोपाल से नामांकन दाखिल किया है। वो साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के उस बयान को आधार बनाकर भोपाल की जनता से वोट मांगेगे। रियाज देशमुख ने कहा है कि हेमंत करकरे हमारे गुरु हैं।
पूर्व असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर रियाज देशमुख ने भोपाल लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना पर्चा भरा है। उन्होंने कहा कि जब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने हेमंत करकरे को 'देशद्रोही' कहा उसी समय हमने उनके खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया। करकरे साहब हमारे गुरु रहे हैं।
रियाज देशमुख ने कहा कि एक तरफ बीजेपी शहीदों के नाम पर वोट मांग रही है, दूसरी तरफ उनकी लोकसभा उम्मीदवार शहीदों का अपमान कर रही हैं। जनता सब जानती है। बीजेपी अपना वादा पूरा करने में फेल है।
कौन हैं रियाज देशमुख
1986 बैच के सब-इंस्पेक्टर देशमुख करीब नौ साल तक महाराष्ट्र के अकोला में तैनात रहे हैं। 1988 में हेमंत करकरे अकोला के एसपी के पद पर तैनात थे। रियाज देशमुख उस वक्त वाशिम पुलिस थाने के प्रमुख थे। देशमुख की आखिरी तैनाती एसीपी के पद पर महाराष्ट्र के अमरावती में थी। जहां से वे 2016 में रिटायर हुए। करीब तीन साल से वह औरंगाबाद में रह रहे हैं।
साध्वी ने क्या कहा था
मुंबई धमाकों के दौरान शहीद हुए आईपीएस हेमंत करकरे को लेकर साध्वी ने कहा था कि उऩकी मौत हमारे श्राप की वजह से हुई है। उन्होंने मालेगांव ब्लास्ट मामले में मुझे फंसाया था। साथ ही जेल में मुझे बहुत यातनाएं दी थी। साध्वी के इस बयान पर काफी विवाद हुआ था। विवाद बढ़ता देख बीजेपी ने भी इस बयान से किनारा कर लिया था। बाद में साध्वी ने माफी मांग ली थी।