
CM Mohan Yadav- एमपी में कुछ भूमि सौदोें पर राजनीतिक बवाल मच गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता कर उज्जैन और अन्य जिलों में बड़े पैमाने पर भूमि खरीद-फरोख्त के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। जीतू ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव Mohan Yadav से जुड़े कुछ व्यक्तियों और उनके करीबियों की कंपनियों के नाम पर उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूमि दर्ज है। रिपोर्ट के अनुसार उनके नाम वर्ष 2024-25 के दौरान 137 प्लॉटों में 168 एकड़ भूमि खरीदने का उल्लेख भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के दावों पर सरकार जनता को जवाब दे। इसपर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने देर रात बयान जारी किया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट और कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सीएम डॉ. मोहन यादव और उनकी पत्नी के पास आज भी उतनी ही जमीनें हैं जितनी 2023 में चुनाव के वक्त थीं। उन्होंने सीएम व परिवार के सदस्यों पर झूठे आरोपों से भ्रम फैलाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सीएम मोहन यादव ने नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव के लिए शपथ पत्र दाखिल किया था, तब उनके पास कृषि भूमि 17.967 एकड़ थी। आज भी इतनी ही है। यह चुनावी हलफनामे में दर्ज है।
नवंबर 2023 में पत्नी सीमा यादव के पास 12.287 एकड़ कृषि भूमि थी, यह जून 2026 में 12.292 एकड़ है। दोनों के पास जो जमीनें हैं, उसमें से अधिकांश सीएम बनने से पहले 2008 से 2019 के बीच खरीदी गई।
2008 में सिद्धि विनायक देवकॉन कृषि कार्यों के लिए बनाई गई। डॉ. मोहन यादव व पत्नी 2017 में निदेशक पद से अलग हुए। मार्च 2026 में सभी शेयर छोड़े। कंपनी के पास नवंबर 2023 में 68.43 एकड़ भूमि थी, यह जून-26 में घटकर 65.69 एकड़ है। पुत्र वैभव की भूमि डॉ. यादव के सीएम बनने से पहले खरीदी। सांवरखेड़ी में 2019 से मार्च 2023 के बीच 16.38 एकड़ भूमि खरीदी। यह उज्जैन मास्टर प्लान-2035 लागू होने के पहले की है।
इससे पहले उज्जैन सहित अन्य जिलों में बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-फरोख्त के मुद्दे पर कांग्रेस ने सवाल उठाए और न्यायिक जांच की मांग की। मीडिया रिपोर्ट का जिक्र कर जीतू पटवारी ने कहा, जिन क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं, वहीं भूमि खरीद की खबरें सामने क्यों आईं? उज्जैन-बदनावर रोड, उज्जैन-इंदौर रोड, पंचकोशी परिक्रमा मार्ग, उज्जैन-मक्सी रोड, उज्जैन- नागदा रोड, उज्जैन-देवास रोड व गरोठ ग्रीन फील्ड कॉरिडोर जैसे प्रस्तावित विकास क्षेत्रों के आसपास हुई भूमि खरीद मामलों की जांच की जाए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, कागजों में सिद्धिविनायक देवकॉन्स, मंगलमूर्ति इन्फ्रा, श्री अन्नपूर्णा इंटरप्राइजेज, श्रेया डेवलपर्स समेत अन्य कंपनियों का जिक्र किया गया है। कंपनियों की निष्पक्ष जांच हो।
मप्र कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि पूरे भूमि प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायिक निगरानी में जांच कराई जाए। इस दौरान राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे भी मौजूद थे।