
Chintu Choukse - Photo Source Patrika
Indore Congress- इंदौर शहर कांग्रेस में सोमवार को बड़ा फेरबदल हुआ। दो पदों पर काबिज चिंटू चौकसे अब नेता प्रतिपक्ष नहीं होंगे, उनकी जगह पहली बार की पार्षद सोनिला मिमरोट नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रहेंगी। चिंटू चौकसे को हटाकर सोनिला को नेता प्रतिपक्ष बनाने पर बवाल मच गया है। उनकी नियुक्ति को लेकर पार्टी में विरोध होने लगा है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ पार्षद नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में थे पर गुटबाजी के चलते सोनिला को कमान दे दी गई। हालांकि दूसरे दावेदारों ने विरोध जता दिया है। चिंटू चौकसे शहर अध्यक्ष होने के साथ नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भी थे। नियुक्ति के समय ही चिंटू ने बड़े नेताओं के सामने दोनों पदों पर रहना तय किया था। हालांकि लंबे समय से शहर के नेताओं समेत बड़े नेता चिंटू से एक पद लेने की मांग कर रहे थे। एक व्यक्ति-दो पद का विरोध हुआ।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी चिंटू चौकसे से एक पद लेने के मूड में थे। कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी सार्वजनिक तौर पर चिंटू को एक पद छोड़ने का कह चुके थे। बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के बाद अब चिंटू शहर अध्यक्ष ही रहेंगे। उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया गया है।
सोनिला मिमरोट वार्ड 45 से पहली बार की पार्षद हैं। कांग्रेस में कई पार्षद दो से चार बार के हैं, लेकिन उन्हें पद नहीं दिया गया। सोनिला के पास नेता प्रतिपक्ष के लिए अनुभव की कमी है। ऐसे में उनकी नियुक्ति चौंकाने वाली है।
शुरू से ही तीन बार की पार्षद विनीतिका यादव और 5 बार की पार्षद फौजिया अलीम नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में थीं, लेकिन इन्हें दरकिनार कर सोनिला को नियुक्त करने का विरोध हो रहा है।
इस नियुक्ति से कांग्रेस की गुटबाजी साफ नजर आ रही है। बताया जाता है कि सोनिला चिंटू गुट की हैं। चिंटू ने ही सोनिला को पहले महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष बनवाया था और अब नेता प्रतिपक्ष बनवा दिया। सोनिला के पास पहले भी दो पद थे। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया तो नेता प्रतिपक्ष बना दिया।
सूत्रों के अनुसार, चिंटू की पकड़ नेता प्रतिपक्ष पद पर भी रहे, इसलिए यह नियुक्ति करवाई गई। दूसरी ओर, विनितिका यादव और फौजिया अलीम से चिंटू की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा भी है। ऐसे में बाले-बाले नियुक्ति करवा दी गई।
बता दें कि चिंटू चौकसे, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के खास समर्थक माने जाते हैं। प्रदेश कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के कारण वे शुरु से ही अन्य नेताओं के निशाने पर थे। इंदौर में एक कार्यक्रम में आए दिग्विजय सिंह पर चिंटू चौकसे ने टिप्पणी की जिसके कारण खासा विवाद मचा था।
Updated on:
23 Jun 2026 07:11 am
Published on:
23 Jun 2026 07:11 am
