भोपाल

भोपाल रेप कांड: चीफ जस्टिस ने लिया संज्ञान,सरकार को लगाई फटकार

सरकार से 2 सप्ताह में मांगी लापरवाह पुलिस और डॉक्टरों पर की गई कार्रवाई की जानकारी।
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Updated: 13 Nov 2017, 1:09 PM IST
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भोपाल। हबीबगंज इलाके में 31 अक्टूबर को UPSC की छात्रा से हुए गैंगरेप मामले में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने संज्ञान लिया था। चीफ जस्टिस हेमन्त गुप्ता और जस्टिस विजय शुक्ला की युगलपीठ ने कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी हों उन्हें बख्शा न जाए।

जस्टिस हेमंत गुप्ता ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि मामले में हर स्तर पर लापरवाही हुई है। गुप्ता ने कहा कि FIR शून्य पर दर्ज होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने सरकार से 2 सप्ताह में लापरवाह पुलिस और डॉक्टरों पर क्या कार्रवाई हुई इस बारे में जवाब मांगा है। युगलपीठ ने अगली सुनवाई 27 नवंबर को निर्धारित की है।

वहीं सरकार की तरफ से महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने कहा कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। इस मामले में 3 टीआई, 2 सब इंस्पेक्टर ओर दो डॉक्टर सस्पेंड किए गए हैं। कौरव ने कहा कि जो भी कार्रवाई बाकी है वो कर 2 सप्ताह में रिपोर्ट देंगे।

ये है मामला :
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हबीबगंज स्टेशन के पास यूपीएससी की कोचिंग कर रही एक 19 वर्षीय छात्रा के साथ 4 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया। छात्रा के साथ आरोपियों ने इस कदर हैवानियत दिखाई कि वो कई घंटों तक झाड़ियों में बेहोश पड़ी रही।

विदिशा की रहने वाली यह पीड़ित छात्रा भोपाल के एमपी नगर जोन 2 में स्थित एक संस्थान से यूपीएससी की कोचिंग ले रही है। जानकारी के मुताबिक 31 अक्टूबर की शाम वह कोचिंग से हबीबगंज स्टेशन की तरफ पैदल जा रही थी, तभी कुछ बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया और उसका मुंह दबाकर उसे एक छोटी पुलिया के नीचे झाड़ियों में ले गए।

वहां आरोपियों ने लड़की को पहले जमकर पीटा और फिर उसके हाथ पैर बांधकर तीन घंटे तक हवस का खेल खेलते रहे। पीड़ित लड़की ने पुलिस को बताया कि जब वह उनकी ज्यादती से बेहोश हो गई तो आरोपी चाय पीने और गुटखा खाने के लिए गए। इसके बाद वे अपने दो साथियों के साथ वापस आए। और पीड़िता को कपड़े देने के नाम पर उन दो लोगों ने भी लड़की के साथ रेप किया।

पीड़िता ने बताया कि घटना के दौरान आरोपी उसका फोन, पर्स और अंगूठियां लूटकर फरार हो गए. उन्होंने लड़की को जमकर पीटा और उसके हाथ पैर बांधकर उसे झाड़ियों में फेंक दिया। वारदात के बाद जब छात्रा किसी तरह से हबीबगंज आरपीएफ थाने पहुंची। यहां से उसने अपने पिता को फोन कर पूरी घटना बताई। इसके बावजूद पुलिस ने घटना को गंभीरता से ना लेते हुए मामला दर्ज नहीं किया। वहीं कई घंटों तक पुलिस क्षेत्र को लेकर पीड़िता व उसके परिजनों को एक थाने से दूसरे थाने में चक्कर लगवाते रहे।

वहीं मंगलवार को छात्रा अपने माता-पिता के साथ घटनास्थल के पास पहुंची। जहां पीड़िता के परिजनों ने दो आरोपियों को पकड़ लिया, तब जाकर पुलिस ने मामला दर्ज दिया। इस पूरे मामले में सबसे अहम बात ये रही कि पीड़िता के पिता खुद आरपीएफ में सब इंस्पेक्टर हैं और उसकी मां भी पुलिस में है।

इस गैंगरेप की खबर सुर्खियों में आने के बाद छह पुलिस वालों पर गाज गिरी। जिसके तहत सरकार ने तीन टीआई और दो एसआई को निलंबित कर दिया, जबकि एक सीएसपी को हटाया गया। यहां तक कि इस मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री ने भी नाराजगी जताई।

हाईकोर्ट ने लगाई फटकार :
इस मामले के काफी तूल पकड़ लिए जाने और पुलिस द्वारा लगातार लापरवाही किए जाने के बाद इस भोपाल गैंगरेप मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए, एक्शन रिपोर्ट मांगी है। वहीं डॉक्टरों द्वारा भी इस मामले में की गई लापरवाही के चलते कोर्ट ने डॉक्टरों के रवैए पर नाराजगी जताई है।

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