मध्यप्रदेश के हनीट्रैप मामले ( honey trap scandal ) में महिलाएं रोज नए खुलासे कर रही हैं, लेकिन पुलिस के थाना प्रभारी के बारे में हुए इस खुलासे ने हड़कंप मचा गया।
इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश के हनीट्रैप मामले ( honey trap scandal ) में महिलाएं रोज नए खुलासे कर रही हैं, लेकिन पुलिस के थाना प्रभारी के बारे में हुए इस खुलासे ने हड़कंप मचा गया। बाद में मामला उजागर होने पर थाना प्रभारी थाना टीआई अजीतसिंह बैस को हटा दिया गया है। हालांकि पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि थाना प्रभारी को इस मामले में नहीं हटाया गया है, उन्हें रेत कारोबारी पर झूठा केस बनाने के मामले में हटाया है।
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हनीट्रैप के जाल में नेताओं और अफसरों को फंसाने वाली महिलाओं की किस तरह खातिरदारी हुई यह इंदौर के पलासिया थाने में उजागर हो गया। यह थाना प्रभारी हनीट्रैप में पकड़ी गई महिलाओं की सेवा करने में लगे थे और पित्जा, बर्गर और पेस्ट्री से खातिरदारी कर रहे थे। महिला थाने में बंद श्वेता जैन और अन्य महिलाओं को वहां के थाना प्रभारी ने बाहर से खाना उपलब्ध कराया। इसमें पित्जा, बर्गर और पेस्ट्री शामिल थे। इसकी भनक लगते ही थाना प्रभारी को हटा दिया गया और शशिकांत चौरसिया को प्रभार दे दिया गया। एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा के मुताबिक पुलिस ने कुछ दिनों पहले रेत व्यवसायी सनी व्यास से चरस के साथ पकड़ा था। बाद में सनी से रुपए लेकर उसके स्थान पर उसके दोस्त की गिरफ्तारी की गई। इस मामले में सब इंस्पेक्टर आशीष शर्मा, प्रमोद तोमर और एक अन्य को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। शनिवार को रिपोर्ट मिलने के बाद थाना प्रभारी को भई हटा दिया गया और उन्हें एसएसपी को भी पुलिस मुख्यालय ने भोपाल तलब किया।
पिछली सरकार में मिला था ये पद
हनीट्रैप मामले गिरफ्तार श्वेता जैन को पिछली सरकार में कई संगठनों में शामिल किया गया था।
-सागर जिले के किशोर न्यायालय बोर्ड और बाल कल्याण समिति में वो सदस्य बनाई गई थी।
-श्वेता को बाल अधिकार संरक्षण के लिए वर्ष 2009 से 2013 तक और इसके बाद किशोर न्यायालय बोर्ड में नियुक्ति दी गई थी। इसके बाद उसके एनजीओ को भी काफी मिल चुकी है।
-जब श्वेता किशोर न्याय बोर्ड में थी तभी उसका वीडियो वायरल हो गया था। बताया जाता है कि वो इस वीडियो में अपने ड्राइवर के साथ थी। श्वेता ने विजय जैन से लव मैरिज की थी।
गुस्से में बोली आरती
जब पुलिस के बड़े अधिकारी आरती से पूछताछ कर रहे थे, तो वो सहयोग नहीं कर रही थी। हर सवाल के जवाब को टाल जाती थी। उन्हें सवालों के जवाब दे रही थी, जिनके बारे में पुलिस वालों को पता था या उनके सामने सबूत रख रहे थे। वो पूछताछ से इतना आगबबूला हो गई थी कि उसने अधिकारियों से कहा था कि मुझे परेशान मत करों, मैंने एक फोन लगा दिया तो सबको समझ आ जाएगा कि मैं कौन हूं। तुम चुप हो जाएगे।