
LPG Cylinder Crisis: कमर्शियल सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी पर लगी रोक के बाद होटल, रेस्त्रां सहित उद्योग संचालित करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। शहर में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर दबाव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। वर्तमान में केवल 6 दिन का एलपीजी स्टॉक बचा है, जो करीब 3200 मीट्रिक टन है। जबकि भोपाल में रोजाना लगभग 500 मीट्रिक टन रसोई गैस सिलेंडरों की खपत होती है। इसे लेकर होटल-रेस्त्रां संचालकों ने बैठक की। साथ ही व्यापारिक संगठन भोपाल चैंबर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
उधर, गैस एजेंसी संचालकों ने भी कलेक्टर के साथ एक बैठक की। एजेंसी संचालकों का कहना है कि यदि उन्हें कंपनियों से सिलेंडर की आपूर्ति होती है तो डिलीवरी जारी रहेगी। दरअसल अमरीका-ईरान युद्ध की वजह से गैस कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगा दी है। इस रोक का सबसे ज्यादा असर होटल-रेस्त्रां, छोटे-बड़े उद्योग सहित चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाले छोटे कारोबारियों पर होने लगा है। उनका कहना है कि सप्लाई जल्द बहाल नहीं की तो एक-दो दिन में कई प्रतिष्ठान या तो बंद हो जाएंगे या कि वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करना शुरू करेंगे।
कमर्शियल सिलेंडर पर रोक लगने के बाद उसकी कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। राज्य के कई जिलों से मिल रही सूचनाओं में बताया जा रहा है कि लगभग 1900 रुपए वाला कमर्शियल सिलेंडर 2500 रुपए तक में बेचा जा रहा है। इसी प्रकार कमर्शियल सिलेंडर पर रोक लगने से कई प्रतिष्ठानों पर घरेलू सिलेंडर का उपयोग बढ़ गया है।
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। चैंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल ने बताया कि उन्होंने उद्योग की मांग और जरूरत को देखते हुए कमर्शियल सिलेंडर चालू करने की मांग की।
एलपीजी सिलेंडर वितरण व्यवस्था पर मंगलवार को बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि सिलेंडर की कमी या संकट को लेकर किसी अफवाह पर ध्यान न दें। ऑयल कंपनियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स, होटल इंडस्ट्रीज तथा गैस वितरक एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में सिलेंडरों के वितरण, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता तथा जमाखोरी व कालाबाजारी पर रोक लगाने के संबंध में चर्चा हुई। ऑयल कंपनियों व जिला आपूर्ति अफसरों को निर्देश दिए गए कि सिलेंडरों का वितरण अधिकृत गैस वितरण कंपनियों के माध्यम से ही किया जाए। व्यावसायिक सिलेंडरों के वितरण को लेकर भी भारत सरकार के नियमों के अनुसार व्यवस्था लागू की गई है। जरूरी सेवाओं को शासन के प्रावधानों के अनुरूप सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र: कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई जारी रखने भोपाल चैंबर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है। चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने बताया, कमर्शियल सिलेंडर पर रोक से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को परेशानी हो रही है। उनके पास दो-चार दिन का ही एलपीजी स्टॉक रहता है। इसलिए कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई चालू करवाई जाए। 75 प्रतिशत गैस देने कंपनियों को निर्देशित करें।
ढाई लाख सिलेंडर की जरूरत: टेंट कारोबारी रिंकू भटेजा ने बताया कि प्रदेश में लगभग 25 से 30000 शादियां प्रतिदिन हो रही हैं, जिसमें करीब ढाई लाख कमर्शियल सिलेंडर की आवश्यकता होगी। व्यवस्थाएं न होने से वर एवं वधू पक्ष के परिवार के सदस्य भी काफी चिंतित हैं।
गैस सिलेंडर को लेकर बैठक हुई, उसमें कुछ विशेष संगठनों को कमर्शियल सिलेंडर देना तय किया है। इसमें हॉस्टल, मेट्रो, हॉस्पिटल जैसी जगहें हैं। निजी मैरिज गार्डन, रेस्टोरेंट को यह नहीं दिए जाएंगे। - सीएस जादौन, जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति
विकल्प तलाश रहे हैं। बिजली या डीजल सेट सहित कोयला भट्टी जैसे उपायों पर विचार कर रहे हैं। यदि एक-दो दिन में सिलेंडर की सप्लाई चालू नहीं हुई तो कई होटल बंद हो जाएंगे। - तेजकुल पाल सिंह पाली, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्त्रां एसोसिएशन, भोपाल