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लेट हो गया मेट्रो की ‘ब्लू-आरेंज लाइन’ का काम, मुआवजे के बाद भी रुका काम !

Metro Project: आरा मशीनों की वजह से मेट्रो की ऑरेंज और ब्लू लाइन जंक्शन का काम एक साल लेट हो गया है।

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Metro Project

Metro Project (Photo Source - Patrika)

Metro Project: मेट्रो रेल के चेंजओवर क्रॉसिंग स्टेशन की राह में 36 आरा मशीनें बाधक बन रही है। स्थिति ये कि इनके लिए एयरपोर्ट के पास रातीबड़ में करीब 12 एकड़ क्षेत्रफल में आठ करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य किया गया है, लेकिन मशीनें शिफ्ट नहीं हुई। पुल पातरा व पुल बोगदा के बीच ये मशीनें हैं। मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अफसरों का कहना है, कलेक्टर के माध्यम से करीब पांच करोड़ रुपए का मुआवजा भी दिया गया, बावजूद इसके काम शुरू नहीं होने दिया जा रहा है।

आरा मशीनों की वजह से मेट्रो की ऑरेंज और ब्लू लाइन जंक्शन का काम एक साल लेट हो गया है। प्रशासनिक व मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से जुड़े अफसरों का कहना है कि चर्चा का एक लंबा दौर हो चुका है। अब बलपूर्वक हटाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए अंदरूनी तौर पर बैठक हो चुकी है। पुलिस प्रशासन बल के साथ यहां आरा मशीनों को हटा दिया जाएगा।

कलेक्टर ने एक सप्ताह का दिया था समय

आरा मशीनों की शिफ्टिंग को लेकर कलेक्ट्रेट में बैठकों का दौर चल रहा है। आरा मशीन संचालकों से चर्चा की जा रही है और उनकी मांग के अनुरूप शिफ्टिंग की योजना भी बनाई जा रही है, लेकिन शिफ्टिंग शुरू नहीं होने दी जा रही। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह ने अपनी टीम को एक सप्ताह में मशीनें शिफ्ट करने का कहा था, लेकिन एक माह का समय गुजर गया, कुछ नहीं हुआ। यहां एक बार आग लग चुकी है, लेकिन अब फिर से यहां नया निर्माण भी कर लिया। जाहिर है, आरा मशीन संचालक यहां की जगह छोडऩे को तैयार नहीं है।

बाधक आरा मशीनल कड़ी पीठों के लिए रातीबड़ में विकास कार्य कर दिया गया है। प्रशासन को अब उन्हें वहां से हटाना है। इसके बाद निर्माण शुरू करेंगे। चैतन्य कृष्णा, एमडी मेट्रो रेल