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School Book: पुरानी किताब, नया कवर, बदल गया कोर्स और दाम, अभिभावकों से फर्जीवाड़ा

भोपाल। बच्चों को बेहतर शिक्षा का सपना दिखा अभिभावकों से किताब और कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया। स्कूलों ने नए सिलेबस की सूची अभिभावकों को दी उसमें ऐसी कई किताबें ऐसी हैं जिनमें कवर बदल कर कोर्स बदला गया दाम बीस प्रतिशत तक बढ़ गए। वहीं बिना पब्लिशर्स की किताबें भी सामने आई। […]

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भोपाल

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Shakeel Khan

Mar 08, 2026

school book

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भोपाल। बच्चों को बेहतर शिक्षा का सपना दिखा अभिभावकों से किताब और कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया। स्कूलों ने नए सिलेबस की सूची अभिभावकों को दी उसमें ऐसी कई किताबें ऐसी हैं जिनमें कवर बदल कर कोर्स बदला गया दाम बीस प्रतिशत तक बढ़ गए। वहीं बिना पब्लिशर्स की किताबें भी सामने आई। अगले माह से दो लाख स्टूडेंट की कक्षाएं शुरू होगी। दो सौ करोड़ रुपए किताबों का कारोबार है।
शहर में डेढ़ सौ प्राइवेट स्कूल हैं। बच्चों को हर नए सत्र में जिन किताबों से पढ़ाएंगे उसकी सूची शिक्षा विभाग ने स्कूलों से मांगी गई है। प्रशासन की आठ टीमें और शिक्षा विभाग के अधिकारी इसके आधार पर स्कूलों की मॉनीटरिंग करेंगे। कोर्स और सिलेबस का कोई जिक्र नहीं नहीं है। पिछले साल के मुकाबले यह पचास से 100 रुपए ज्यादा हैं।

- ये हालात

  • स्पीक के नाम से प्राइमरी से मिडिल के लिए बाजार में किताब हैं। यह बिना पब्लिशर्स के नाम की किताब हैं। मनमाने रेट हैं। पब्लिशर्स का नाम न होने के कारण इसके कंटेट की जिम्मेदारी किसकी होगी तय करना मुश्किल होगा।
  • पिछले साल हिंदी की किताब जिसका नाम गरिमा उसके दाम दो सौ रुपए थे। कवर पीले रंग का था। इस बार यह 260 रुपए में हैं। कवर सफेद हो गया। रेट भी 260 रुपए हो गए। इसमें पब्लिशर्स के नाम बदले गए।

जारी होंगे नोटिस
मामले में स्कूल शिक्षा विभाग नोटिस जारी करेगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया स्कूल इसके लिए जिम्मेदार होंगे। कार्रवाई के संकुल स्तर पर काम होगा। 1 अप्रेल से स्कूल खुलेंगे। प्राइवेट स्कूलों में दो लाख बच्चे कक्षाओं में पहुंचेंगे।

- इसके कुछ मामले सामने आए हैं। जांच कराई जा रही है। इसमें स्कूल और पब्लिशर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद चौरगढ़े, संभागीय संयुक्त संचालक भोपाल


- प्राइवेट पब्लिशर्स और स्कूल अभिभावकों से फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। स्कूल के पाठ्यक्रम में कई नई किताबें ऐसी हैं जहां कोर्स में कोई बदलाव नहीं हुआ। केवल कवर बदला है। दाम पिछले साल से ज्यादा है। प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में शिकायत की है। इसमें जांच की मांग की गई है।
प्रबोध पांड्या, सचिव पालक महासंघ