
LPG Cylinder Crisis (Photo Source - Patrika)
LPG Cylinder Crisis: पश्चिम एशिया में जारी ईरान- अमेरिका संघर्ष का असर अब दिखने लगा है। इसका प्रभाव एलपीजी आपूर्ति में होने के कारण भारत सरकार ने घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति लगातार बनाए रखने व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर प्रतिबंध के निर्देश दिए हैं। तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों के पास इस संबंध में आदेश भी आ चुके हैं, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई विशेष तौर पर होटल और रेस्टोरेंट पर प्रतिबंधित की जाए, लेकिन अत्यावश्यक सेवाओं जैसे हॉस्पिटल आदि में सप्लाई जारी रहेगी।
वहीं घरेलू सिलेंडर के लिए भी बैरियर लगने शुरू हो गए हैं। एक सिलेंडर मिलने के बाद उपभोक्ता को अगले सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही हो सकेगी। जानकारी के अनुसार ईरान- अमेरिका युद्ध का असर की वजह से एलपीजी गैस की सप्लाई में कमी नजर आ रही है।
ऐसे में सरकार की कोशिश है कि घरेलू उपभोताओं को किल्लत का सामना न करना पड़े। लिहाजा एलपीजी की राशनिंग का काम प्रारंभ कर दिया गया है। तेल कंपनियों को मैसेज कर दिया गया है कि कमर्शियल सिलेंडर के आर्डर न लगाए जाएं और घरेलू कनेक्शन पर फोकस किया जाए।
इसके बाद आईओसीएल, बीपीसीएल और एसपीसीएल ने गैल डीलरों को निर्देशित कर दिया है कि निजी प्रतिष्ठानों को उपलब्धता के आधार पर सीमिति सप्लाई दी जाए। एक डीलर ने बताया कि कंपनी के निर्देश है कि घरेलू सिलेंडर पर फोकस करना है। व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति को प्रतिबंधित किया जा रहा है लिहाजा इसे धीरे धीरे कम करते जाएं। पेनिक न फैले लिहाजा अभी रोक जैसे शब्दों से बचा जा रहा है।
व्यावसायिक सिलेंडर पर प्रतिबंध का असर अत्यावश्यक सेवा वाले संस्थाओं जेल, अस्पताल किचन, पुलिस किचन, सैन्य प्रतिष्ठानों की सप्लाई पर नहीं पड़ेगा। यहां पूर्व की तरह ही जारी रहेंगे। लेकिन होटल, रेस्टोरेंज जैसे लग्जरी सिस्टम पर सप्लाई रोकी जाएगी। हालांकि रोक एक झटके में नहीं होगी।
घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई निर्बाध जारी रहेगी। व्यावसायिक सिलेंडरों के लिए प्रतिबंधात्मक निर्देश हैं, लेकिन अस्पताल, जेल आदि प्रभावित नहीं होंगे। सुखबीर सिंह, सेल्स ऑफिसर, आईओसीएल
हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर में 60 रुपए और व्यवसायिक गैस सिलेंडर में 115 रुपए की बढ़ोतरी के बाद सतना-मैहर जिले के उपभोक्ताओं पर हर माह लगभग 4 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त आर्थिक भार पडऩे का अनुमान है। जानकारी के अनुसार, दोनों जिलों में कुल 5 लाख 12 हजार 422 घरेलू गैस कनेक्शन हैं।
यदि इन कनेक्शनों में औसतन एक-एक सिलेंडर की भी खपत मान ली जाए, तो केवल घरेलू गैस के दाम में 60 रुपए की वृद्धि के कारण ही उपभोक्ताओं को हर माह 3 करोड़ 72 लाख रुपए से अधिक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। महंगाई के इस दबाव का असर सीधे मध्यम-निछन आय वर्ग के परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
वहीं व्यवसायिक सिलेंडर की कीमत में 115 रुपए की वृद्धि से व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी प्रभावित हुए हैं। सतनामैहर जिले में 25 हजार व्यवसायिक गैस कनेशन हैं, यदि इनमें औसतन माह में दो-दो सिलेंडर की खपत भी जोड़ी जाए, तो इस वृद्धि से व्यापारियों पर 58 लाख रुपए का अतिरित भार पड़ रहा है। हालांकि प्रतिष्ठानों में सिलेंडर की खपत दो से कहीं अधिक होती है।
जिले में अब घरेलू गैस सिलेंडर 937.50 रुपए में मिल रहा है, वहीं व्यवसायिक सिलेंडर पहले 2025.50 रुपए में मिल रहा है, जो अब बढ़कर 2140.50 रुपए हो गया है।
Updated on:
10 Mar 2026 04:30 pm
Published on:
10 Mar 2026 04:30 pm
