9 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

30 दिन की रिपोर्ट से खुली पोल-पट्टी, घर बैठे कर्मचारी लगा रहे हाजिरी

MP News: जांच रिपोर्ट में उनकी लोकेशन वास्तविक ड्यूटी स्थल से अलग पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि कर्मचारी कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे।

2 min read
Google source verification

सतना

image

Astha Awasthi

Mar 09, 2026

Sarthak app

Sarthak app (Photo Source: AI Image)

MP News: स्वास्थ्य विभाग में लागू डिजिटल उपस्थिति प्रणाली की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विभाग के सार्थक ऐप की रिपोर्ट में सामने आया है कि कई चिकित्सक, बाबू और डाटा ऑपरेटर निर्धारित ड्यूटी स्थल पर मौजूद हुए बिना ही दूर-दराज स्थानों से ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे थे। जांच के दौरान ऐसे 62 कर्मचारियों की पहचान की गई, जिनकी उपस्थिति लोकेशन उनके कार्यस्थल से अलग पाई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि डिजिटल व्यवस्था के बावजूद विभाग में लापरवाही और नियमों की अनदेखी जारी है।

30 दिन की रिपोर्ट में मिली लापरवाही

हाल ही में पोर्टल से निकाली गई रिपोर्ट ने इस व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। 21 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 के बीच की उपस्थिति रिपोर्ट में पाया गया कि कई कर्मचारी कार्यालय या अस्पताल पहुंचे बिना ही मोबाइल के माध्यम से कहीं और से हाजिरी लगा रहे थे। रिपोर्ट में उनकी लोकेशन वास्तविक ड्यूटी स्थल से अलग पाई गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि कर्मचारी कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे। यह भी सामने आया कि आधा सैकड़ा से अधिक कर्मचारी नियमित रूप से इस तरीके से उपस्थिति दर्ज नही कर रहे थे। जब कर्मचारी ड्यूटी स्थल पर मौजूद ही नहीं थे तो उस दौरान स्वास्थ्य सेवाएं किस प्रकार संचालित हो रही थीं, यह भी जांच का विषय है।

सीएमएचओ ने मांगा जवाब

जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शु“ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। फरवरी माह के वेतन में कुछ कर्मचारियों की कटौती की गई है। साथ ही सभी 62 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी कर्मचारियों से 9 मार्च तक स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

ड्यूटी स्थल से ही इन- आउट की अनिवार्यता

स्वास्थ्य विभाग में डॉइटर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के लिए सार्थक ऐप से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है। कर्मचारियों को निर्धारित समय पर अपने अस्पताल या कार्यालय में पहुंचकर ऐप के जरिए लॉगिन करना होता है और ड्यूटी समाप्त होने पर लॉग आउट करना पड़ता है। इस व्यवस्था को इसलिए लागू किया गया था ताकि कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।